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महाराष्ट्र एसआईआर अभियान: 1.22 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, चुनाव आयोग भेजेगा नोटिस

महाराष्ट्र

मुंबई, 10 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए चलाए जा रहे चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। इस प्रक्रिया के दौरान राज्य की प्रारूप मतदाता सूची में शामिल 1.22 करोड़ से अधिक मतदाताओं के गणना प्रपत्रों (एन्यूमरेशन फॉर्म) में डेटा संबंधी विसंगतियां और तकनीकी त्रुटियां पाई गई हैं।

इन अनियमितताओं को देखते हुए चुनावी अधिकारियों ने प्रभावित मतदाताओं को औपचारिक नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नोटिस प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों को अपनी मतदाता पहचान की पुष्टि के लिए वैध दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।

यह अभियान महाराष्ट्र की मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही संबंधित मतदाताओं के रिकॉर्ड को अंतिम रूप दिया जाएगा।

इन निर्देशों के तहत, जिस विधानसभा क्षेत्र से नाम हटाने की बात हो रही है, उससे बाहर रहने वाले लोगों की आपत्तियों पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने प्रभावित सभी लोगों को औपचारिक नोटिस जारी किए हैं, जिनमें उनसे अपनी स्थिति साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेजी सबूत जमा करने को कहा गया है।

एसआईआर अभियान शुरू होने से पहले महाराष्ट्र में रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या 9,78,54,049 थी। गिनती के फॉर्म की फील्ड वेरिफिकेशन के बाद चुनाव आयोग ने 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की, जिसमें 7,71,65,562 वोटर शामिल थे। जो कुल संख्या का 78.86 प्रतिशत है। इसमें पुरुष 3,95,89,905; महिला 3,75,72,570; ट्रांसजेंडर वोटर 3,087 हैं और कुल शामिल वोटर 7,71,65,562 हैं।

लगभग 2,06,88,487 वोटर (पिछली लिस्ट का 21.14 प्रतिशत) ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिए गए। नाम हटाने के मुख्य कारणों में लगभग 34 लाख मृत वोटर और कई विधानसभा क्षेत्रों में फैली 17 लाख डुप्लिकेट एंट्रीज को हटाना शामिल है।

ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल 7.71 करोड़ वोटरों में से 1,22,24,000 लोगों के गिनती रिकॉर्ड में तकनीकी कमियां पाई गईं। इनमें 62,48,281 वोटरों के लिए रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारी में विसंगतियां और 59,75,626 वोटरों के लिए रिश्तेदारों की जानकारी मैप न होना शामिल है।

मलाड, धारावी, पनवेल, ओवाला-माजीवाड़ा, कल्याण ग्रामीण, खड़कवासला, चिंचवड़, हडपसर, सोलापुर दक्षिण, नागपुर पूर्व, नागपुर पश्चिम, नागपुर उत्तर, हिंगना और बडनेरा जैसे प्रमुख इलाकों में हर विधानसभा क्षेत्र में 1,00,000 से ज्यादा डेटा विसंगतियां पाई गईं।

चुनाव आयोग के सूत्रों ने पुष्टि की है कि इन लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और अतिरिक्त सबूतों के वेरिफिकेशन के बाद ही उनके वोटर स्टेटस की पुष्टि की जाएगी। कुछ खास समुदायों के वोटरों के नाम हटाने के मकसद से बड़े पैमाने पर की जा रही आपत्तियों को लेकर राजनीतिक दलों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करते हुए चुनाव प्रशासन ने सख्त प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।

झारखंड से मिली खबरों के बाद, जहां पार्टी प्रतिनिधियों ने कुछ खास नाम हटाने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थित आवेदन जमा किए थे, राज्य के सीईओ ने मुंबई नगर आयुक्त और सभी जिला कलेक्टरों को दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई करते समय बहुत सावधानी बरतने का निर्देश दिया है। ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल वोटरों का बुनियादी आवासीय सत्यापन पहले ही हो चुका है और उन्हें योग्य माना गया है।

हालांकि किसी एंट्री को चुनौती देने या उसे हटाने का अनुरोध करने के लिए फॉर्म-7 उपलब्ध है, लेकिन आपत्तियां केवल उसी विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले रजिस्टर्ड वोटरों से ही स्वीकार की जाएंगी। आपत्ति करने वाले किसी भी व्यक्ति को आवेदन के साथ उस वोटर की अयोग्यता का वैध प्रमाण देना होगा जिसे चुनौती दी गई है।

सूत्रों ने बताया कि कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले, जिस वोटर को चुनौती दी गई है, उसे सुनवाई में शामिल होने और अपने पक्ष में सबूत पेश करने का औपचारिक मौका दिया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी