हैदराबाद, 8 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा प्रवेश द्वार पर सोमवार को हुई उस घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की महिला विधायकों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप है।
विधानसभा स्पीकर ने कहा कि वे महिला विधायकों का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने बीआरएस को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद बीआरएस नेताओं ने काला बैज पहनकर अपना रोष प्रकट करते हुए इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने पूछा, "आखिर सरकार और पुलिस इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करने जा रही है।"
विधायी मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि सीएम रेवंत रेड्डी ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं का सम्मान करती है। साथ ही, उन्होंने मुख्य विपक्षी दल को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले में रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीआरएस के उपनेता टी. हरीश राव ने विधानसभा में पुलिस की ओर से महिला विधायकों के साथ की गई बदतमीजी पर रोष जाहिर किया। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस की ओर से महिला विधायक और पूर्व मंत्री सबिता इंदिरा रेड्डी और सुनीता लक्ष्मा रेड्डी के साथ किया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।
हरीश राव ने कहा कि उन्होंने पुलिस स्टेशन पहुंचकर महिला विधायकों के साथ मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। बीआरएस नेता ने इस प्रकरण को 'तेलंगाना की महिलाओं' पर हमला करार दिया।
हरीश राव ने कहा कि अगस्त हाउस 'कौरव सभा' में तब्दील हो चुका है और उनका भी वही हश्र होगा, जो कौरवों का हुआ था।
विधानसभा अध्यक्ष ने हरीश राव के व्यवहार पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें (अध्यक्ष को) इसलिए गुस्सा आना चाहिए क्योंकि उनकी मां के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
प्रसाद कुमार ने कहा कि वह सबिता इंद्रा रेड्डी और सुनीता लक्ष्मा रेड्डी का बहुत सम्मान करते हैं और वे उनकी आठ बहनों की तरह ही उनकी बहनें हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट मिलने के बाद वह उचित कार्रवाई करेंगे।
मंत्री श्रीधर बाबू ने आरोप लगाया कि बीआरएस विधायक विधानसभा अध्यक्ष को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां बेहद निंदनीय हैं।
वहीं, हरीश राव ने कहा कि बीआरएस एमएलसी टाटा मधु पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्होंने अध्यक्ष के खिलाफ कोई अपमानजनक या अभद्र शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
--आईएएनएस
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