मुंबई, 13 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई के मुलुंड रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक एसी लोकल ट्रेन में एसी यूनिट खराब होने के कारण कई यात्रियों को घुटन और सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ा। इस दौरान दो महिला यात्री और एक पुरुष यात्री की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित यात्रियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) स्वप्निल नीला ने बताया कि सभी प्रभावित यात्रियों की हालत अब सामान्य है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने घटना की जानकारी देते हुए आईएएनएस को बताया कि इस मामले में कुल तीन यात्रियों को सांस लेने में परेशानी हुई थी। इनमें दो महिला यात्रियों की स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और वे अपनी यात्रा भी पूरी कर चुकी हैं। वहीं, तीसरे यात्री फहीम अंसारी को एहतियात के तौर पर अग्रवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर पाई गई और उन्हें सुबह करीब 11:30 बजे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
उन्होंने बताया कि यह घटना सुबह 8:53 बजे तितवाला से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के लिए रवाना होने वाली एसी लोकल ट्रेन में हुई। ट्रेन के जिस कोच में यात्री सफर कर रहे थे, उसमें एसी यूनिट तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रही थी। इसी वजह से कोच के भीतर घुटन जैसी स्थिति पैदा हुई और तीन यात्रियों को सांस लेने में परेशानी हुई। दो महिला यात्रियों की तबीयत मौके पर ही सामान्य हो गई, जबकि फहीम अंसारी को अधिक परेशानी महसूस होने पर अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद रेलवे ने प्रभावित रेक को तत्काल सेवा से हटाने का निर्णय लिया। सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने बताया कि संबंधित रेक को कुर्ला स्टेशन तक ही चलाया गया और उसके बाद उसे सेवा से वापस ले लिया गया। कुर्ला के आगे इस रेक से संचालित होने वाली सभी निर्धारित सेवाओं को नॉन-एसी लोकल रेक के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की अतिरिक्त असुविधा का सामना न करना पड़े।
भविष्य में इस तरह की घटनाओं की घटना को रोकने के लिए रेलवे द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर उन्होंने कहा कि सेंट्रल रेलवे प्रतिदिन लगभग 108 एसी लोकल सेवाओं का संचालन करता है और अब तक इस प्रकार की कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई थी। रेलवे की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि ऐसी तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान कर उनका समाधान किया जा सके। यदि भविष्य में किसी एसी लोकल में इस प्रकार की असामान्य स्थिति उत्पन्न होती है, तो यात्रियों को तत्काल सुरक्षित तरीके से ट्रेन से उतारा जाएगा। इसके बाद उपलब्धता के अनुसार या तो दूसरी एसी लोकल या फिर सामान्य लोकल ट्रेन की व्यवस्था कर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।