मुंबई, 13 जुलाई (आईएएनएस)। चेंबूर (पश्चिम) के डायमंड गार्डन के पास 30 जून को स्कूल बस पर पीपल पेड़ गिरने की घटना की जांच रिपोर्ट बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त ने जांच समिति की सिफारिशों और निष्कर्षों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
जांच समिति ने पेड़ों की सुरक्षा का काम देख रहे ठेकेदार मेसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड पर 5 लाख रुपए और तकनीकी निगरानी कर रहे महिमतुरा कंसल्टेंट पर 2 लाख रुपए के जुर्माने की सिफारिश की है।
रिपोर्ट के अनुसार, उद्यान विभाग ने 9 अप्रैल 2025 और 27 जनवरी 2026 को संबंधित पेड़ की सुरक्षा को लेकर सड़क विभाग को जानकारी दी थी। इसके बाद सड़क विभाग ने 9 मार्च 2026 को ठेकेदार को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए थे। हालांकि जांच में पाया गया कि पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए गए।
समिति ने यह भी कहा कि वनस्पति और उद्यान विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार पेड़ गिरने के कई संभावित कारण थे। साथ ही 28 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच मुंबई में तेज बारिश और मौसम के कारण करीब 1,158 पेड़ और शाखाएं गिरने की घटनाएं भी हुईं। ऐसे में ठेकेदार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने के कारण उस पर जुर्माने की सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि महिमतुरा कंसल्टेंट को परियोजना की निगरानी और तकनीकी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समिति का मानना है कि सलाहकार को समय-समय पर ठेकेदार को आवश्यक निर्देश देने और कार्यों की निगरानी में अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए थी। इसी आधार पर उस पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया गया है।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जांच समिति ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इनमें मानसून से पहले और बाद में विशेषज्ञों के पैनल द्वारा नियमित ट्री रिस्क असेसमेंट कराने, सड़कों के किनारे मौजूद सभी पेड़ों का जीआईएस आधारित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और उसे नियमित रूप से अपडेट करने की सिफारिश की गई है।
इसके अलावा खुदाई और आधारभूत परियोजनाओं के दौरान पेड़ों की जड़ों की वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षा सुनिश्चित करने, जरूरत पड़ने पर प्रभावित पेड़ों का प्रत्यारोपण करने तथा भविष्य में सड़क किनारे पौधरोपण के लिए स्थानीय और कम ऊंचाई वाली प्रजातियों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है।
समिति ने पेड़ों की जड़ों के आसपास पर्याप्त मिट्टी और पानी की उपलब्धता बनाए रखने तथा अनावश्यक कंक्रीटीकरण से बचने की भी सिफारिश की है।
--आईएएनएस
एएमटी/एबीएम





