Advertisement banner

हिमाचल: सात साल बाद भी चंसारी स्कूल भवन अधूरा, बच्चों की पढ़ाई पर संकट

हिमाचल:

कुल्लू, 24 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की खराहल घाटी में राजकीय उच्च विद्यालय चंसारी का अधूरा भवन सरकार के शिक्षा और विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। स्कूल भवन का निर्माण वर्ष 2019 से चल रहा है, लेकिन करीब सात साल बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया है। 2023 में हुए बरसात और आपदा में पुराने स्कूल भवन को भी भारी नुकसान पहुंचा था। ऐसे में अब स्कूल में पढ़ने वाले 100 से ज्यादा विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई के लिए जगह का संकट खड़ा हो गया है।

चंसारी स्कूल में तीन पंचायतों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। इनमें बंदल पंचायत के बंदल और हलैणी, सेऊगी पंचायत के सेऊगी तथा चंसारी पंचायत के धार्ठ, चंसारी, पेच्छा, माहिश और अपर थर्कू गांव के विद्यार्थी शामिल हैं। पुराने भवन के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्कूल प्रबंधन समिति ने निजी भवन में बच्चों की कक्षाएं चलाने की व्यवस्था की थी, लेकिन अब उस भवन के साथ किया गया अनुबंध भी समाप्त हो चुका है।

एसएमसी अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने बताया कि स्कूल भवन के निर्माण का टेंडर करीब 1.18 करोड़ रुपए में हुआ था, लेकिन अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। यदि शिक्षा विभाग ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में बच्चों की कक्षाएं संचालित करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से नए भवन का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है।

इस मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी कुल्लू से भी मुलाकात की थी। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने स्कूल भवन का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग रखी। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में एक ही कमरे में दो-दो और तीन-तीन कक्षाएं चलानी पड़ रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

स्थानीय निवासी शीतू शर्मा ने बताया कि आपदा के बाद से ही स्कूल भवन को लेकर प्रशासन से कई बार मांग की गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और एक कमरे में कई कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने सरकार से स्कूल का निर्माण जल्द पूरा कराने की अपील की है।

वहीं, अध्यापक भाल चंद शास्त्री ने बताया कि पुराने भवन को क्षतिग्रस्त हुए कई साल हो चुके हैं। नए भवन का निर्माण लंबे समय तक बंद रहा, हालांकि अब काम दोबारा शुरू हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण जल्द पूरा होगा ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। फिलहाल सीमित संसाधनों में पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।

--आईएएनएस

पीएसके