कोलकाता, 20 सितंबर (आईएएनएस)। बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मेट्रो रेलवे ने 32 किलोमीटर लंबे कवि सुभाष-जय हिंद विमानबंदर मेट्रो कॉरिडोर (ऑरेंज लाइन) के बेलेघाटा-आईटी सेंटर सेक्शन पर पहली बार पुश ट्रॉली से निरीक्षण पूरा किया।
यह इस परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह मेट्रो लाइन कोलकाता के सुदूर दक्षिणी हिस्से को एयरपोर्ट से जोड़ेगी और साल्ट लेक के न्यू टाउन स्थित आईटी हब से होकर गुजरेगी।
इस निरीक्षण के पूरा होने का मतलब है कि इस सेक्शन में वायाडक्ट और बैलेस्टलेस ट्रैक का काम पूरा हो गया है। अब यहां बिजली से जुड़े काम शुरू किए जा सकेंगे, जिनमें थर्ड रेल बिछाना और सिग्नल सिस्टम लगाना शामिल है।
कवि सुभाष-जय हिंद विमानबंदर मेट्रो परियोजना को वर्ष 2010 में मंजूरी मिली थी और इसे पांच चरणों में पूरा किया जा रहा है। इसके पहले दो चरण, कवि सुभाष से हेमंत मुखोपाध्याय और हेमंत मुखोपाध्याय से बेलेघाटा, पहले ही शुरू किए जा चुके हैं और इन पर यात्री सेवाएं चल रही हैं।
एक अधिकारी ने कहा, '''बेलेघाटा से आईटी सेंटर तक तीसरे चरण में पुश ट्रॉली से किया गया निरीक्षण बताता है कि काफी काम पूरा हो चुका है। इस चरण के चालू होने के बाद यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ेगी, क्योंकि इससे शहर का आईटी हब सीधे दक्षिणी इलाकों से जुड़ जाएगा।''
कोलकाता देश का पहला शहर था, जहां मेट्रो सेवा शुरू हुई थी। यहां मेट्रो का संचालन 1984 में शुरू हुआ था। हालांकि, इसका नेटवर्क अभी केवल करीब 73 किलोमीटर का है। कोलकाता के काफी बाद मेट्रो सेवा शुरू करने वाले अन्य शहरों में मेट्रो नेटवर्क इससे ज्यादा लंबा हो चुका है।
मेट्रो रेलवे ने अब ज्यादातर अड़चनों को दूर कर लिया है और अगले कुछ वर्षों में मेट्रो नेटवर्क को कम से कम 130 किलोमीटर तक बढ़ाने की उम्मीद है। ऑरेंज लाइन और पर्पल लाइन (जोका से एस्प्लेनेड) पर काम आगे बढ़ रहा है। वहीं, बारानगर से बैरकपुर तक के हिस्से का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
कोलकाता नगर निगम ने हाल ही में बीटी रोड के नीचे से गुजरने वाली पानी की पाइपलाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दे दिया है।
रेल मंत्रालय की तमाम कोशिशों के बावजूद यह एनओसी कई वर्षों से अटका हुआ था। पाइपलाइन हटाए जाने के बाद बीटी रोड के साथ वायाडक्ट का निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
एक और मेट्रो लिंक, एयरपोर्ट से बारासात, को दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है। इससे जेसोर रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और उपनगरीय इलाकों से कोलकाता आने-जाने वाले यात्रियों को यात्रा का एक और विकल्प मिलेगा।
वर्ष 2025-26 में मेट्रो रेलवे ने 23.60 करोड़ यात्रियों को सफर कराया। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन करीब 6.5 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी। बेहतर सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी।
ऑरेंज लाइन में जल्द ही ऑटो ट्रेन रनिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे सुरक्षा और बेहतर होगी। यह सिस्टम ट्रेन को लाल सिग्नल पार करने से रोकता है, भले ही मोटरमैन का ध्यान भटक जाए।
--आईएएनएस
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