Keshav Prasad Maurya Statement : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य मामले में राजनीति करने वाले संतों के द्रोही हैं : केशव प्रसाद मौर्य

शंकराचार्य विवाद पर केशव प्रसाद मौर्य का विपक्ष पर पलटवार
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य मामले में राजनीति करने वाले संतों के द्रोही हैं : केशव प्रसाद मौर्य

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य मामले में विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि जो लोग राजनीतिक फायदा उठाना चाह रहे हैं, उन्हें लाभ कभी नहीं मिलेगा।

प्रयागराज में मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो लोग पूज्य शंकराचार्य के मामले में मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं, वे राजनीतिक फायदा उठाने की उम्मीद में ऐसा कर रहे हैं। ये लोग संतों के द्रोही हैं, हिंदुओं के द्रोही हैं, राम भक्तों के द्रोही हैं और भारतीय संस्कृति के द्रोही हैं।

उन्होंने कहा कि वे सोच रहे हैं कि इस मामले को उठाकर उन्हें किसी भी तरह राजनीतिक लाभ मिल जाएगा। उन्हें लाभ नहीं मिलने वाला है। 2047 तक कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम करता हूं और उनका सम्मान करता हूं। मैंने लगातार प्रार्थना की है कि वे संगम में पवित्र स्नान करें। भारतीय संस्कृति को मानने वाले लोग भी इंतजार में हैं कि वह जल्द ही संगम में स्नान करें।

गणतंत्र दिवस का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पोस्ट में लिखा कि समस्‍त देश एवं प्रदेश वासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। गणतंत्र दिवस हमारे संवैधानिक आदर्शों में विश्वास, सामाजिक समता के संकल्प और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का उत्सव है। इस पावन अवसर पर राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों तथा सशक्त गणतंत्र की आधारशिला रखने वाले संविधान निर्माताओं को मैं नमन करता हूं।

उन्होंने लिखा कि कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस 2026 में उत्तर प्रदेश की झांकी ने बुंदेलखंड की शौर्यगाथा, संस्कृति और विकास को भव्य रूप से प्रस्तुत कर पूरे देश के सामने ‘विरासत भी, विकास भी’ का संदेश दिया।

--आईएएनएस

 

 

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