तिरुवनंतपुरम, 1 सितंबर (आईएएनएस)। केरल चुनाव में मिली हार के कारणों का आकलन करने के लिए सीपीआई (एम) संगठनात्मक चर्चाओं के एक महत्वपूर्ण दौर की ओर बढ़ रही है। पार्टी की विशेष राज्य समिति की बैठक में हार के पीछे के कारकों की विस्तृत जांच होने की उम्मीद है।
सीपीआई (एम) की विस्तारित राज्य समिति की बैठक 13 से 15 सितंबर तक कोझिकोड में महासचिव एम.ए. बेबी और नौ पोलित ब्यूरो सदस्यों की देखरेख में होगी।
ये चर्चाएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि पार्टी चुनाव से मिले सबक को सुधारात्मक उपायों में बदलने की कोशिश कर रही है।
केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही सत्ता विरोधी लहर के प्रभाव और जिस तरह से यह अभियान सरकार और उसके नेतृत्व से निकटता से जुड़ गया, उसकी जांच करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कन्नूर में अपने सार्वजनिक भाषणों में एक अलग ही दृष्टिकोण बनाए रखा है।
अपनी मौजूदा यात्रा के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में उन्होंने पार्टी और उसके समर्थकों के सामने आने वाली संगठनात्मक और राजनीतिक चुनौतियों को रेखांकित करने की कोशिश की है, हालांकि उन्होंने यह स्वीकार नहीं किया कि चुनाव परिणाम पूरी तरह से सरकार के प्रदर्शन के कारण ही आया है।
उनकी टिप्पणियों ने राज्य समिति में होने वाली चर्चाओं और उसके बाद की विस्तृत बैठकों में रुचि बढ़ा दी है।
पार्टी न केवल चुनावी नतीजों की जांच करेगी, बल्कि संगठन के कामकाज, समाज के विभिन्न वर्गों के साथ उसके संबंधों और जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित करने वाले कारकों की भी जांच करने की उम्मीद है।
इस हार ने सीपीआई(एम) के भीतर संगठनात्मक मजबूती और निचले स्तरों पर अधिक राजनीतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता को लेकर चर्चाओं को जन्म दिया है।
चुनाव परिणाम को केवल चुनावी गणित का मामला बने रहने देने के बजाय, कमजोरियों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।
चुनाव प्रचार के दौरान राज्य नेतृत्व की भूमिका और सरकार के प्रदर्शन को जिस तरह से प्रस्तुत किया गया, उसकी भी गहन जांच होने की संभावना है। साथ ही, पार्टी को इस बात का भी आकलन करना होगा कि स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक मुद्दों और कार्यकर्ताओं के कुछ वर्गों में असंतोष ने परिणाम में किस हद तक योगदान दिया।
आगामी बैठकें सीपीआई (एम) को चुनावी हार का सामूहिक रूप से आकलन करने के लिए पहला व्यापक मंच प्रदान करने की संभावना है।
यह सुनिश्चित करने में एम.ए. बेबी की भूमिका पर बारीकी से नजर रखी जाएगी कि समीक्षा पार्टी की संगठनात्मक प्रक्रियाओं के दायरे में ही रहे।
इन चर्चाओं से सीपीआई (एम) के सुधारात्मक प्रयासों की दिशा का भी संकेत मिलेगा कि क्या मुख्य जोर सरकारी प्रदर्शन, संगठनात्मक नवीनीकरण या दोनों के संयोजन पर होगा।
चुनाव के बाद विस्तृत समीक्षा करने की आदी पार्टी के लिए आगामी बैठकें केरल में उसके राजनीतिक और संगठनात्मक मार्ग को निर्धारित करने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
--आईएएनएस
एसएचके/वीसी







