इंदौर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। सावन माह और कांवड़ यात्रा को लेकर महामंडलेश्वर रामगोपाल दास ने शासन से कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस और शराब की दुकानों को बंद करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक और पवित्र यात्रा है, जिसमें श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। ऐसे में यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।
महामंडलेश्वर रामगोपाल दास ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि सावन के महीने में सनातनी श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा निकालते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इस धार्मिक यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हों।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग नाम बदलकर या अपनी पहचान छिपाकर कांवड़ यात्रियों को भोजन या प्रसाद उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने शासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलत पहचान के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद या भोजन कराता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
महामंडलेश्वर ने कहा कि हिंदू समाज के लोग कांवड़ यात्रियों और उनकी भोजन व्यवस्था का ध्यान रखने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सेवा करना चाहता है तो वह अपने नाम और अपनी पहचान के साथ करे, लेकिन किसी भी तरह से भ्रम पैदा करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो वह स्वयं मौके पर पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई करेंगे।
कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस-मदिरा की दुकानों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि शासन से यह मांग पहले से ही की जाती रही है कि जहां से कांवड़ यात्रा निकलती है, वहां ऐसी दुकानों पर प्रतिबंध लगाया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर और ओंकारेश्वर जाने वाले कांवड़ यात्रा मार्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन रास्तों पर श्रद्धालु धार्मिक भावना के साथ यात्रा करते हैं। इसलिए यात्रा मार्गों पर मांस, मदिरा और अन्य ऐसी दुकानों को सावन महीने के दौरान बंद किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांवड़िये पुण्य कार्य के लिए यात्रा करते हैं, इसलिए प्रशासन को उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने शासन से अपील की कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वच्छता और धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।