कौशाम्बी, 1 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों पर शिकंजा कसा है। थाना पिपरी क्षेत्र में हुई दुर्घटना के मामले में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने तीन वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त को थाना पिपरी क्षेत्र में स्थित पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटना हुई थी। मामले में छह आरोपियों के खिलाफ थाना पिपरी में मुकदमा अपराध संख्या 219/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 4/5/9बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से एक आरोपी को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था। वहीं, तीन अन्य आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। फरार आरोपियों की पहचान महमूदपुर मनौरी, थाना पिपरी, जनपद कौशाम्बी निवासी शकील पुत्र निजामुद्दीन, कहकसा बानो पत्नी नौशाद और आदिल पुत्र नौशाद के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक ने तीनों की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद से ही फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस की टीमें आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को फरार आरोपियों के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो वह तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या जनपद कंट्रोल रूम को सूचना दे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और उनकी कथित भूमिका के संबंध में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत और पांच के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने पिपरी थाना और चायल चौकी में तैनात सात निरीक्षक/उपनिरीक्षकों को अभियुक्त के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप में निलंबित कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्ला शाहबाजी में एक अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने में विस्फोट हुआ था। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
घटना के संबंध में पिपरी थाने में मुकदमा दर्ज कर छह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। जांच में सामने आया कि जिस पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने में विस्फोट हुआ, उसकी अनुमति अली पुत्र निजामुद्दीन, निवासी महमूदपुर मनौरी, थाना पिपरी को 31 मार्च 2026 तक के लिए निर्गत की गई थी।
--आईएएनएस
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