लखनऊ, 31 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पिपरी पुलिस स्टेशन इलाके में स्थित मनौरी बाजार में सोमवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने और उसके बाद कई धमाके होने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।
इसको लेकर जिला मजिस्ट्रेट अमित पाल शर्मा ने बताया कि बचाव और राहत कार्य अभी जारी हैं और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर तैनात हैं।
प्रशासन के अनुसार, अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच घायल लोगों का इलाज प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में चल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान मिलने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए उन्होंने तुरंत मेडिकल मदद का इंतजाम किया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कानून की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और सरकारी निर्देशों के अनुसार संपत्ति जब्त करने सहित सख्त कदम उठाए जाएंगे।
धमाकों के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर दी। अधिकारियों को आशंका है कि धमाके में गिरी फैक्टरी और आसपास की इमारतों के मलबे के नीचे अभी और लोग दबे हो सकते हैं। तलाशी और मलबा हटाने का काम जारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताया और अधिकारियों को बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों के उचित इलाज को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का भी निर्देश दिया।
धमाकों के बाद बचाव कार्यों में सबसे पहले स्थानीय लोग शामिल हुए। ग्रामीणों को मलबे में दबे लोगों और जलने से घायल हुए लोगों को जुगाड़ से बने स्ट्रेचर पर सड़क तक लाते देखा गया, जहां से एम्बुलेंस उन्हें एसआरएन अस्पताल ले गईं। गंभीर रूप से घायलों में एक बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है। धमाकों में आस-पास के घरों के कई निवासी भी घायल हुए।
मुख्यमंत्री ने मारे गए लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति और इलाज करा रहे लोगों के जल्द ठीक होने की भी प्रार्थना की।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस त्रासदी पर दुख जताया। उन्होंने एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत को दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को घायलों का सर्वोत्तम संभव इलाज करने का निर्देश दिया और जोर दिया कि लोगों की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस आपदा के बाद धमाकों से हुई तबाही का पैमाना सामने आया। घटनास्थल की तस्वीरों में रिश्तेदारों को मलबे में अपने लापता परिवार के सदस्यों को बेताबी से ढूंढते हुए देखा गया, जबकि अन्य लोग अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी लेने के लिए अस्पतालों की ओर भागे।
--आईएएनएस
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