तुमकुर, 7 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने रविवार को कहा कि राज्य में किसानों और भूमि अधिकारों से जुड़े मामलों का समाधान उनकी प्राथमिकता होगी। साथ ही, उन्होंने गृह मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को बड़ी उपलब्धि बताया।
जी परमेश्वर ने कहा कि राजस्व विभाग के समक्ष अभी कई चुनौतियां मौजूद हैं, अभी कई मुद्दे लंबित हैं। पूर्व मंत्री ने भी अच्छा काम किया है और कुछ ऐसे बदलाव किए हैं, जो भारत में पहली बार देखने को मिले हैं। मैं भी मौजूदा परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रहा हूं और निश्चित रूप से राज्य के कई किसानों को न्याय दिलाने के लिए काम करूंगा। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अपने अधिकारों और जमीन से जुड़े विवादों का सामना कर रहे हैं, उनके मामलों को सुलझाने और उनके हितों की रक्षा करने का प्रयास करूंगा।
राज्य के गृह मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए परमेश्वर ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता राज्य में शांति बनाए रखना थी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के तौर पर मैंने यह सुनिश्चित किया कि राज्य में शांति बनी रहे। यही हमारा सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य था और हम इसमें सफल रहे। पिछले तीन वर्षों में राज्य में कोई सांप्रदायिक झड़प या दंगा नहीं हुआ और हम कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में किसानों की समस्याओं के अलावा उन लोगों के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिनके पास अपनी जमीन या संपत्ति पर अधिकार संबंधी दस्तावेज नहीं हैं।
वहीं, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जी परमेश्वर ने कहा कि सरकार मध्य पूर्व में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों का सहारा लेकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को डीजल, पेट्रोल और गैस की बढ़ती कीमतों का बोझ खुद वहन करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय यह बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है, जो सही तरीका नहीं है। लोगों को अब यह समझ में आने लगा है कि भारत सरकार वित्तीय प्रबंधन के मामले में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार खुद को बचाने के लिए कीमतों में वृद्धि का सहारा ले रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सरकार को इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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