Advertisement banner

'पूरे विश्व में सनातन का डंका बजता है,' कर्नाटक मंत्री के इस्लाम को सर्वश्रेष्ठ बताने पर बोले आनंद दुबे

पूरे विश्व में सनातन का डंका बजता है,

मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी द्वारा इस्लाम को सभी धर्मों में श्रेष्ठ बताने पर विवाद जारी है। इसे लेकर शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने सोमवार को बसवराज रायरेड्डी पर निशाना साधा।

आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "पूरे विश्व में सनातन का डंका बजता है। मुझे नहीं लगता कि इस धरती पर हिंदू से ज्यादा कोई अन्य धर्म इतना उदार होगा। हमारा धर्म वसुधैव कुटुंबकम की बात करता है। सबको साथ लेकर चलने वाला हमारा धर्म है। हमारे यहां भगवान राम, श्रीकृष्ण और गौतम बुद्ध जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया है। यह पावन धरती और धर्म है, जो लोग नहीं समझ पा रहे हैं।"

बाबर को लेकर असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर उन्होंने कहा, "बाबर एक आक्रांता था, जिसके कारण हम उसकी आलोचना करते हैं, लेकिन अब उज्बेकिस्तान या ताशकंद के लोग थोड़े ही आततायी हैं। हम आधुनिक युग में रहते हैं। विश्व स्तर की बैठक होती है। प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति मिलते हैं और उनका सम्मान होता है तो इसको बाबर से जोड़ा जाना गलत है। बाबर हमेशा हमारे लिए आक्रांता रहेगा, लेकिन नए समाज के लोग जो अच्छा काम कर रहे हैं, उनका प्रोत्साहन भी करना होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "हमारे देश का कोई भी प्रधानमंत्री, चाहे नेहरू, इंदिरा, मनमोहन या मोदी हों, जो भी विदेश जाते हैं, उनका सम्मान का मतलब देश का सम्मान और उनका अपमान मतलब देश का अपमान होता है। इसमें कोई आपत्ति वाली बात नहीं है।"

छात्रों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उन्होंने कहा, "छात्रों का सवाल पूछना अधिकार है और हमारी जिम्मेदारी है कि सरकार में बैठकर उनका जवाब दें। जहां पर जिस पार्टी की सरकार है, उनकी जवाबदेही बनती है। हाल ही में राजस्थान के अंदर नीट यूजी का पेपर हो रहा था, और उस दौरान लाइट चली गई। बच्चे घंटों परेशान रहे। यह दिखाता है कि सिस्टम में फेलियर और कमी है। ऐसे में इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। यही बात जस्टिस भी कह रहे हैं। छात्रों को रोका और बांधा नहीं जा सकता। वे सवाल पूछेंगे। जहां भी धांधली है, छात्र आवाज उठाएंगे। सरकार को उन समस्याओं को सुधारना है, क्योंकि वह यही बोलकर सत्ता में आई है।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी