बेंगलुरु, 29 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र को वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले में राज्य सरकार को शर्मिंदगी से बचाने के लिए इस्तीफा देने पर मजबूर किया गया।
मीडिया से बात करते हुए एचडी कुमारस्वामी ने बी. नागेंद्र के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने के लिए इस्तीफा दिया है।
कुमारस्वामी ने सवाल उठाया, "यह शर्मिंदगी किस वजह से हुई? उन्हें इस्तीफा देने के लिए क्यों मजबूर किया गया? 84 करोड़ रुपए का घोटाला क्या था? क्या इस घोटाले से बचने के लिए नागेंद्र से इस्तीफा दिलवाया गया?"
उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कौन जीता या किसे प्रचार मिला। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने कल और आज नागेंद्र के बयान देखे हैं, जिसमें कांग्रेस को शर्मिंदगी से बचाने के लिए इस्तीफा देने का दावा किया है।
बी. नागेंद्र के उस बयान पर भी एचडी कुमारस्वामी ने पलटवार किया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या केंद्रीय मंत्री पर भी मामले दर्ज हैं।
एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि उनके खिलाफ जो मामले हैं, वे राजनीतिक हैं और उन पर सरकारी पैसे के गबन का कोई आरोप नहीं है। उन्होंने कहा, "ये आरोप पिछले 14 सालों से चल रहे हैं। उन्होंने मामलों को जिंदा रखा है, लेकिन वे एचडी कुमारस्वामी को चुप नहीं करा सकते। क्या मुझ पर पैसे लेने का कोई आरोप है? क्या मुझ पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप है?"
उन्होंने कहा कि दो बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद उन्होंने अपने खिलाफ मामलों को दबाने या बंद करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा, "अगर मैंने कुछ गलत किया होता, तो दो बार मुख्यमंत्री बनने पर मामलों को दफना सकता था। मैंने ऐसा नहीं किया। मैंने उन्हें जांच के लिए खुला छोड़ दिया है।"
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं के कारण राज्य सरकार को शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदायों के कल्याण के लिए आया पैसा गबन कर व्यक्तियों में बांट दिया गया और नागेंद्र का इस्तीफा सरकार की जिम्मेदारी से बचने के लिए था।
इस बीच, कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने नागेंद्र के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी के मामले में राज्य कैबिनेट से राय मांगी है। राज्यपाल ने पूर्व मंत्री रेणुकाचार्य और भाजपा विधायक गली जनार्दन रेड्डी के खिलाफ अलग-अलग मामलों में अभियोजन की मंजूरी पर भी सरकार की राय मांगी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक सरकार अभियोजन मंजूरी के फैसलों को लेकर फिलहाल मुश्किल स्थिति में है।
--आईएएनएस
वीकेयू/डीएससी







