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कर्नाटक सरकार 'गृह लक्ष्मी' योजना के लाभार्थियों की फिर से कराएगी जांच

कर्नाटक

बेंगलुरु, 31 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार 'गृह लक्ष्मी' योजना के लाभार्थियों की दोबारा जांच करने की तैयारी कर रही है, ताकि अयोग्य लाभार्थियों को हटाया जा सके और यह पक्का किया जा सके कि आर्थिक मदद सिर्फ जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।

गारंटी कमेटी के चेयरमैन और सीनियर नेता एच.एम. रेवन्ना इस मामले पर सोमवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से उनके घर पर मिलेंगे। इस बारे में बाद में घोषणा होने की संभावना है।

अधिकारियों के मुताबिक, सरकार ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने की समय-सीमा दी है, जिसके तहत जिला और तालुक स्तर पर लाभार्थियों की जांच की जाएगी। स्थानीय गारंटी कमेटियों के सदस्य भी इस जांच प्रक्रिया में शामिल होंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि लाभार्थी असली हैं और मासिक सहायता पाने के योग्य हैं या नहीं।

दोबारा जांच की प्रक्रिया के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। कर्मचारी एक खास ऐप के जरिए जानकारी इकट्ठा करने और उसकी पुष्टि करने के लिए लाभार्थियों के घर जाएंगे। इस प्रक्रिया में चेहरा पहचानने (फेस ऑथेंटिकेशन) और बायोमेट्रिक जांच का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

अधिकारी उन लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सर्वे करेंगे जो अब पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। जांच प्रक्रिया के तहत उन लोगों की भी जांच की जाएगी जो गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (जीएसटी) भर रहे हैं और जो इनकम-टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं। सरकार उन लाभार्थियों की पहचान करने के लिए रिकॉर्ड की भी जांच करेगी जिनकी मौत हो चुकी है, लेकिन उन्हें अभी भी सहायता मिल रही है।

इस दोबारा जांच का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और स्कीम के तहत फंड के गलत इस्तेमाल और लीकेज को रोकना है। सरकार का इरादा लिस्ट से उन लोगों के नाम हटाना है जो इसके लिए योग्य नहीं हैं और यह पक्का करना है कि स्कीम का फायदा उन महिलाओं को मिले जो असल में आर्थिक मदद पाने की हकदार हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग इस काम में तालमेल बिठाएगा। शहरी इलाकों में रेवेन्यू इंस्पेक्टर और बिल कलेक्टर वेरिफिकेशन और सर्वे करने में अधिकारियों की मदद कर सकते हैं।

गौरतलब है कि सरकार ने अगस्त 2023 में शुरू हुई 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत यह प्रक्रिया शुरू की है। 'गृह लक्ष्मी' योजना कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा घोषित पांच प्रमुख गारंटियों में से एक थी। इस योजना के तहत, घर की मुखिया मानी जाने वाली पात्र महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

लाभार्थियों की संख्या बढ़कर लगभग 1.23 करोड़ हो गई है, इसलिए सरकार अब यह पक्का करने के लिए पूरी तरह से वेरिफिकेशन करना चाहती है कि सरकारी पैसा अयोग्य, मृत या किसी अन्य कारण से अयोग्य लाभार्थियों को न दिया जाए।

कर्नाटक सरकार ने 'गृह लक्ष्मी' योजना के लिए सालाना लगभग 32,000 करोड़ रुपये का बजट रखा है और योजना शुरू होने के बाद से अब तक कुल मिलाकर 74,000 करोड़ रुपये से 76,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

--आईएएनएस

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