नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कर्नाटक में सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रमों में शामिल होने को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई संविधान में दिए गए अधिकारों के विपरीत है। वहीं, दिल्ली में एक युवती की हत्या की घटना को लेकर उन्होंने पुलिस कार्रवाई और व्यापक जांच की मांग की।
विनोद बंसल ने कर्नाटक सरकार पर कहा कि राज्य के गृह मंत्री का रवैया आरएसएस और राष्ट्रवादी संगठनों को लेकर पक्षपातपूर्ण है। यदि कोई सरकारी कर्मचारी रविवार या छुट्टी के दिन, अपने सरकारी काम को प्रभावित किए बिना किसी संगठन के कार्यक्रम में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में दो कर्मचारियों को केवल आरएसएस के पथ संचलन में शामिल होने के कारण निलंबित किया गया। सरकार का यह तर्क कि किसी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करनी पड़ती है, उचित नहीं है। शिकायत मिलने मात्र से बिना जांच के किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने आरएसएस के 'अनरजिस्टर्ड ऑर्गनाइजेशन' होने के आधार पर कर्मचारियों की भागीदारी पर सवाल उठाए जाने का भी विरोध किया। बंसल ने संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए कहा कि नागरिकों को अभिव्यक्ति, शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने जैसी स्वतंत्रताएं प्राप्त हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकारी कर्मचारी इन संवैधानिक स्वतंत्रताओं से वंचित हैं।
बंसल ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि 20 अगस्त को कर्मचारियों के निलंबन का आदेश जारी किया गया, जबकि उसी दिन संसद में आरएसएस को लेकर गृह मंत्री की ओर से यह बयान दिया गया कि संगठन के खिलाफ कोई मामला विचाराधीन नहीं है और उसकी शाखाओं में कोई अवैध गतिविधि नहीं होती। यदि आरएसएस को लेकर सरकार का यही आधिकारिक रुख है, तो उसके कार्यक्रम में शामिल होने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आधार क्या है। उन्होंने कांग्रेस से कर्मचारियों का निलंबन वापस लेने और माफी मांगने की मांग की।
दिल्ली में एक जिम ट्रेनर पर युवती की हत्या का आरोप लगने के मामले पर विनोद बंसल ने इसे बेहद दर्दनाक घटना बताया। उन्होंने कहा कि युवती द्वारा शादी से इनकार किए जाने के बाद उसकी हत्या की गई। आरोपी ने जिम के माध्यम से युवती से संपर्क बनाया था। घटना के पीछे यदि किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। केवल आरोपी की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की साजिश की जांच आवश्यक है।
--आईएएनएस
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