कर्नाटक सरकार की दलित संगठनों के नेताओं के साथ बैठक, बैकलॉग रिक्तियां भरने का ऐलान

कर्नाटक सरकार की दलित संगठनों के नेताओं के साथ बैठक, बैकलॉग रिक्तियां भरने का ऐलान

बेंगलुरु, 21 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को विधान सौधा में विभिन्न दलित संगठनों के नेताओं के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने घोषणा की कि विश्वविद्यालयों और प्रमुख सरकारी विभागों में लंबित (बैकलॉग) आरक्षित रिक्तियों को भरा जाएगा।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों में 72,000 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पहले से चला रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के उम्मीदवारों को कानून के अनुसार आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। साथ ही खाली पड़े आरक्षित पदों को भरने के लिए अलग से कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, "हम विश्वविद्यालयों और बड़े विभागों में बैकलॉग रिक्तियां भरेंगे। मैं इस पर मुख्यमंत्री से चर्चा करूंगा और सुनिश्चित करूंगा कि इन पदों पर नियुक्तियां हों।" उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दलित संगठनों के नेताओं ने छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, भूमि आवंटन, रोजगार के अवसरों और एससी-एसटी समुदायों के साथ कथित अन्याय जैसे कई मुद्दे उठाए।

उन्होंने कहा कि सरकार एससी-एसटी छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाने की मांग पर विचार करेगी। वर्तमान में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत छात्रों को 1,800 रुपए मिलते हैं, जबकि कई छात्रों का खर्च लगभग 3,000 रुपए तक पहुंच जाता है।

उन्होंने कहा, "सरकारी छात्रवृत्ति की राशि पर्याप्त नहीं है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी और अगले बजट में इसे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।"

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतें मिली हैं कि दलित समुदाय की कई महिलाओं को राज्य सरकार की गारंटी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। हम जिला और तालुका स्तर पर जानकारी जुटाएंगे और जहां दलित महिलाएं योजनाओं से वंचित रह गई हैं, वहां सुधारात्मक कदम उठाएंगे।

परमेश्वर ने कहा कि घुमंतू और आदिवासी समुदायों ने वन अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। सरकार इस मामले की जांच करेगी और अनुसूचित जाति उप-योजना तथा जनजातीय उप-योजना के बेहतर क्रियान्वयन की मांगों पर भी विचार करेगी।

उन्होंने बताया कि दलित नेताओं ने कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा औद्योगिक भूमि आवंटन, आवासीय भूखंडों की उपलब्धता और कर्नाटक स्टेट फाइनेंशियल कॉरपोरेशन के माध्यम से ऋण सुविधाओं तक बेहतर पहुंच का मुद्दा भी उठाया।

एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए परमेश्वर ने बताया कि राजस्व विभाग ने इस आरोप की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया है कि एससी-एसटी समुदाय की करीब 150 एकड़ भूमि आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के नियंत्रण में है।

उन्होंने कहा, "एसआईटी जांच करेगी कि एससी-एसटी समुदाय की 150 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था या नहीं। जांच का नेतृत्व बेंगलुरु मंडलायुक्त आदित्य अमलान बिस्वास करेंगे।"

परमेश्वर ने कहा कि संयोग से जिस दिन यह मुद्दा बैठक में उठाया गया, उसी दिन एसआईटी गठन का फैसला भी लिया गया। सरकार आदिवासी समुदाय के उच्च शिक्षित युवाओं के लिए विशेष भर्ती उपायों पर भी विचार कर रही है। आदिवासी समुदाय के 12 पीएचडी धारक युवा वर्तमान में बेरोजगार हैं और उनके लिए विशेष अवसरों पर चर्चा की जा रही है।

स्थायी निवासी प्रमाणपत्र से जुड़े सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि नागरिकता और निवास प्रमाणपत्र दोनों अलग-अलग विषय हैं।

उन्होंने शिवाजी नगर में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान अधिकारियों पर हुए कथित हमले को लेकर कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम