कर्नाटक: कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत के बाद मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने वापस लिया इस्तीफा

कर्नाटक: कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत के बाद मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने वापस लिया इस्तीफा

बेंगलुरु, 6 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कांग्रेस नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि रेड्डी पार्टी के एक निष्ठावान सिपाही और मंत्री के रूप में अपना काम जारी रखेंगे।

गौरतलब है कि रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने उन्हें बेंगलुरु शहरी विकास विभाग देने का आश्वासन पूरा नहीं किया।

बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि शुक्रवार से भाजपा और मीडिया के एक वर्ग ने रेड्डी के इस्तीफे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाईं। उन्होंने कहा कि रामलिंगा रेड्डी कांग्रेस पार्टी की महत्वपूर्ण संपत्ति हैं और 1973 से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं।

सुरजेवाला ने कहा, "रामलिंगा रेड्डी 1989 से विधायक हैं और आठ बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। वह कई बार मंत्री रह चुके हैं और कई महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। उनका अनुभव और राजनीतिक समझ पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।"

उन्होंने बताया कि मीडिया में इस्तीफे की खबर आने के बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पार्टी नेता बी.के. हरिप्रसाद, सिद्धारमैया और उन्होंने स्वयं रेड्डी से बातचीत की। इस दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुछ गलतफहमी थी, जिसे बातचीत के जरिए दूर कर लिया गया।

सुरजेवाला ने कहा, "रामलिंगा रेड्डी ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है और वह मंत्री पद पर बने रहेंगे। पार्टी के एक वफादार सिपाही के रूप में वह आगे भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।"

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस घटनाक्रम से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब उनके मंसूबों पर पानी फिर गया है। उन्होंने भाजपा नेताओं बी.वाई. विजयेंद्र और आर. अशोक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता की अदालत में उन्हें बार-बार हार का सामना करना पड़ेगा।

सुरजेवाला ने कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि इन योजनाओं से करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि शक्ति योजना के तहत 400 करोड़ से अधिक मुफ्त बस यात्राएं हो चुकी हैं और लगभग दो करोड़ छात्रों को भी इस योजना से जोड़ने की तैयारी है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में 1.66 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली, 4.49 करोड़ लाभार्थियों को 10 किलो मुफ्त चावल तथा लाखों बच्चों को विभिन्न योजनाओं के तहत 3,000 और 1,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व ने रामलिंगा रेड्डी को एक अतिरिक्त विभाग देने का आश्वासन भी दिया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही आधिकारिक तौर पर अपने इस्तीफे की वापसी की घोषणा करेंगे।

--आईएएनएस

डीएससी