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कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली का दो दिन का दौरा रद्द किया

कर्नाटक

बेंगलुरु, 6 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का सोमवार से नई दिल्ली का प्रस्तावित दो दिन का दौरा रद्द कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) बीएस श्रीधर ने एक नोट जारी कर कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का 7 और 8 सितंबर को नई दिल्ली का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया है।

कांग्रेस आलाकमान के साथ पार्टी के मामलों पर चर्चा के अलावा मुख्यमंत्री शिवकुमार का दिल्ली का यह दौरा (जो अब रद्द हो गया है) केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपने और सूखे से राहत की मांग करने की राज्य सरकार की कोशिशों के लिहाज से एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा था।

इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री ने राज्य में सूखे से प्रभावित किसानों की मदद करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि किसानों के आंसू पोंछने के लिए संकल्पित। बागलकोट जिले में सूखे की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए। हमारी (कांग्रेस) सरकार हमेशा आपकी मुश्किलों में आपके साथ खड़ी रहेगी।

हाल ही में, कर्नाटक के डिप्टी सीएम और रेवेन्यू मिनिस्टर जी. परमेश्वर ने भी संकेत दिया था कि राज्य सूखे को लेकर केंद्र से मदद मांग सकता है।

परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार ने 101 तालुकों को सूखा-प्रभावित घोषित किया है और अगले 15 दिनों तक स्थिति का आकलन करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि आकलन के आधार पर सूखा-प्रभावित सूची में और भी तालुक जोड़े जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हम इस महीने के आखिर तक या सितंबर के पहले हफ्ते में केंद्र को सूखे से जुड़ा ज्ञापन सौंपेंगे। फसलों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है और उसी के आधार पर ज्ञापन तैयार किया जाएगा। इसके बाद, केंद्र की टीमें सर्वे करने के लिए राज्य का दौरा करेंगी और फिर सूखे से राहत के लिए मदद जारी की जाएगी।

परमेश्वर ने कहा कि पीने का पर्याप्त पानी, पशुओं के लिए चारा और पलायन रोकने के लिए रोजगार के मौके उपलब्ध कराना राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकताएं होंगी।

उन्होंने कहा कि हम किसानों को प्रति एकड़ दिए जाने वाले मुआवजे पर फैसला करेंगे। पीने का पानी, पशुओं के लिए चारा और पलायन रोकने के लिए काम करना हमारी पहली प्राथमिकताएं हैं। हमने इस दिशा में पहले ही कदम उठा लिए हैं।

2023 में कर्नाटक में पड़े सूखे को याद करते हुए परमेश्वर ने बताया कि राज्य को अनुमानित 39,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था और उसने राहत के तौर पर 18,000 करोड़ रुपए की मांग का प्रस्ताव भेजा था।

उन्होंने कहा कि हम दिल्ली गए और विरोध प्रदर्शन किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 3,500 करोड़ रुपए जारी किए गए। इस बार ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।

--आईएएनएस

एमएस/