बेंगलुरु, 14 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक की बिदादी टाउनशिप परियोजना विवादों में आ गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष कर्नाटक सरकार पर हमलावर हो गया है। जेडीएस यानी जनता दल (सेक्युलर) के राज्य युवा अध्यक्ष निखिल कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा है।
निखिल कुमार ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "बिदादी टाउनशिप मामले में बेगुनाह किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने वाली कांग्रेस सरकार की मनमानी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के संयुक्त माप (जेएमसी) करने के लिए किसानों की जमीन में घुसने की कोशिश की, और अब यह जन-विरोधी सरकार उन किसानों को डराने-धमकाने और दबाने के लिए एफआईआर का हथियार इस्तेमाल कर रही है जिन्होंने इस कदम पर सवाल उठाए थे।"
उन्होंने लिखा, "कांग्रेस सरकार के इस दमनकारी रवैये से हमारे किसान साथियों को डरने की जरूरत नहीं है। हम आपके जायज संघर्ष के लिए हर जरूरी कानूनी मदद और समर्थन देने के लिए तैयार हैं। किसानों के खिलाफ दर्ज झूठी एफआईआर को रद्द किया जाना चाहिए और हिरासत में लिए गए निर्दोष लोगों को अगले 48 घंटों के भीतर तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। वरना, इस जन-विरोधी सरकार के खिलाफ संघर्ष तय है!"
जनता दल (सेक्यूलर) की ओर से आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से पोस्ट किया गया, "बिदादी में पिछले 500 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे मंडलाहल्ली गांव के किसानों के साथ 'जॉइंट मेजरमेंट सर्वे' (जेएमसी) के बहाने जो मनमानी की गई, वह कांग्रेस सरकार के किसान-विरोधी रवैये का सबूत है।
जेडी(एस) की ओर से आगे लिखा गया, "केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राज्य सरकार के कदमों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि सरकार की उकसावे वाली कार्रवाई ही उस संघर्ष को बलपूर्वक दबाने की कोशिश का सीधा कारण है, जिसे किसान और महिलाएं 'धरती माता' (अन्नदाता) को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। सरकार द्वारा देश का पेट भरने वाले किसानों की जमीन छीनने की इस दमनकारी कार्रवाई की जेडी(एस) पुरजोर निंदा करती है।"