कोप्पल (कर्नाटक), 4 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लिंगसुगुर-बल्लारी पदयात्रा का चौथा दिन शुक्रवार को पूरा हुआ। इस दौरान यात्रा सुबह शुरू होने के स्थान से कोप्पल जिले के करातागी तक लगभग 22 किलोमीटर चली।
दिन की शुरुआत कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर 'गौ पूजा' के साथ हुई और इसमें भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया।
पदयात्रा के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी पांच गारंटियों के भ्रम में खोई हुई है और गरीबों, किसानों तथा समाज के कमजोर वर्गों की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर रही है।
यह पदयात्रा राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उजागर करने और कांग्रेस सरकार की नीतियों व कामकाज को लेकर भाजपा की चिंताएं जाहिर करने के लिए आयोजित की जा रही है।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि जहां राज्य सरकार पांच गारंटियों के प्रचार-प्रसार पर ध्यान दे रही है, वहीं गरीब लोग, बुजुर्ग और दिव्यांगजन बुनियादी सामाजिक सुरक्षा लाभ पाने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। कई लाभार्थियों को महीनों से पेंशन नहीं मिली है।
पदयात्रा के दौरान, राज्य भाजपा अध्यक्ष ने एक किसान द्वारा लाई गई धान काटने की नई मशीन का उद्घाटन किया और मशीनीकरण तथा खेती से जुड़ी चुनौतियों पर किसानों से बातचीत की।
सिंधनूर के पास, विजयेंद्र ने एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (एपीएमसी) के व्यापारियों से बातचीत की। व्यापारियों ने दुकानों और साइटों के ट्रांसफर के लिए अतिरिक्त शुल्क, लाइसेंसिंग, कागजी कार्रवाई, बैंक लोन मिलने और ज्यादा ब्याज वाले लोन से जुड़ी समस्याएं उठाईं।
उन्होंने देवराज उर्स वेजिटेबल मार्केट में बुनियादी सुविधाओं की कमी—जैसे पीने का पानी, शौचालय, सफाई और पार्किंग की सुविधा—पर भी ध्यान दिया और व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याएं राज्य विधानसभा में उठाई जाएंगी।
विजयेंद्र ने कहा कि कल्याणा कर्नाटक के ग्रामीण इलाकों में अभी भी डॉक्टर और शिक्षकों की कमी, खराब बुनियादी ढांचे और रोजगार के सीमित मौकों जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
उन्होंने स्थानीय उद्योगों, एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट्स, छोटे उद्यमों और स्किल-डेवलपमेंट सेंटर्स में ज्यादा निवेश की मांग की, ताकि नौकरियां पैदा हों और युवाओं का बेंगलुरु और दूसरे शहरों की ओर पलायन कम हो।
कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में एयर-कंडीशंड कमरों में बैठकर जमीनी हकीकत को नहीं समझा जा सकता।
--आईएएनएस
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