कन्नूर (केरल), 14 सितंबर (आईएएनएस)। केरल के मत्स्य, हार्बर इंजीनियरिंग और सामाजिक न्याय मंत्री वीई अब्दुल गफूर ने कहा है कि राज्य सरकार मत्स्य विभाग को एक राजस्व सृजन करने वाले क्षेत्र के रूप में विकसित करना चाहती है। वर्तमान में राज्य के राजस्व में मत्स्य क्षेत्र का योगदान 1.76 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 5 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री कन्नूर जिले में थालास्सेरी सब-कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी सभी एजेंसियों और विभागों को चल रही परियोजनाओं, भूमि संपत्तियों और अधूरी योजनाओं का व्यापक डेटा एकत्र करना चाहिए। साथ ही सरकार की नई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने समुद्री सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समुद्र में बचाव कार्यों के लिए सरकार एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर रही है। इसके तहत मत्स्य विभाग के अधिकारियों को आपात स्थितियों में अधिक सटीक और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी।
अब्दुल गफूर ने भरोसा दिलाया कि थलाई हार्बर और गोपालपेट्टा फिश लैंडिंग सेंटर की खराब स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कन्नूर जिले में अंतर्देशीय मत्स्य पालन को मजबूत करने पर भी जोर दिया और निर्देश दिया कि सभी मछली पकड़ने वाली नौकाओं में अनिवार्य रूप से ट्रांसपोंडर के उपयोग की निगरानी की जाए।
बैठक में मत्स्य विभाग की उपनिदेशक आर. जुगनू ने जिले में विभाग की गतिविधियों और आवश्यकताओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने प्रमुख मछली बंदरगाहों में ड्रेजिंग कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि उनकी पूरी क्षमता बहाल की जा सके। समुद्री मत्स्य क्षेत्र की प्रमुख मांगों में कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार, रेफ्रिजरेटेड परिवहन वाहन, छोटी नौकाओं के लिए आइस बॉक्स, मछुआरों का बायोमेट्रिक पंजीकरण, डीजल सब्सिडी और लकड़ी की नौकाओं को स्टील या फाइबर नौकाओं से बदलने के लिए वित्तीय सहायता शामिल है।
उन्होंने अंतर्देशीय मत्स्य पालन से जुड़ी चुनौतियों का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट में व्यक्तिगत किसानों को मत्स्य पालन के लिए सहायता देने, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना शुरू करने, मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में केरल स्टेट कोस्टल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, फिशरीज बोर्ड, एडीएके, मत्स्य विभाग, सहकारी संस्थाओं और मात्स्यफेड के प्रतिनिधियों ने भी अपनी गतिविधियों और आवश्यकताओं की जानकारी मंत्री को दी। हार्बर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने थलाई, अजिक्कल और मप्पिला बे मछली बंदरगाहों तथा गोपालपेट्टा, चूटाड, धर्मदाम, न्यू माहे, एट्टीकुलम, पुथियांगडी और नीरकडावु फिश लैंडिंग सेंटरों की मौजूदा स्थिति और जरूरतों पर प्रस्तुति दी।
जिला सामाजिक न्याय अधिकारी पी. बिजू ने जिले में सामाजिक न्याय विभाग की गतिविधियों की जानकारी देते हुए विभिन्न अनुदानों की समीक्षा और लंबित बकाया राशि के भुगतान की मांग उठाई।
बैठक की अध्यक्षता थालास्सेरी नगर परिषद के अध्यक्ष करायी चंद्रशेखरन ने की। मत्स्य विभाग के विशेष सचिव अब्दुल नासिर, संयुक्त उपनिदेशक पी अनीश और मंत्री के निजी सचिव एन पद्मकुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
अपने कन्नूर दौरे के दौरान मंत्री अब्दुल गफूर ने थलाई फिशिंग हार्बर का निरीक्षण किया, वहां की स्थिति का जायजा लिया और बाद में थलाई स्थित फीड मिल तथा थालास्सेरी के मछली बाजार का भी दौरा किया।
--आईएएनएस
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