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केपीएससी मामले में युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा: प्रियांक खड़गे

केपीएससी

कलबुर्गी, 5 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को खतरे में डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की परीक्षा में गड़बड़ी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बचाने का सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने कहा कि चाहे वे कितने भी ताकतवर हों या किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, परीक्षा में गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गृह मंत्री के तौर पर वह इस मामले से जुड़े किसी भी सबूत को कमजोर या उससे छेड़छाड़ नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा कि जब मैं विपक्ष में था, तो मैंने परीक्षा में गड़बड़ी को रोकने के लिए एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था। अब, हमारी सरकार के कार्यकाल में, ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक बिल लाया गया है। सरकार ने 70,000 पद भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके लिए लगभग 35 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवारों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

इस सवाल के जवाब में कि कलबुर्गी जिले में केवल पांच तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है, खड़गे ने कहा कि सूखे की घोषणा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के दिशानिर्देशों के अनुसार की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ये दिशानिर्देश केंद्र सरकार ने बनाए हैं। कलबुर्गी में विरोध प्रदर्शन करने के बजाय, विपक्ष को केंद्र सरकार के सामने विरोध करना चाहिए।

जेल सुधारों पर खड़गे ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) आर. हितेन्द्र की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति ने कर्नाटक में जेलों के प्रशासन, सुरक्षा और सुधारों पर अपनी रिपोर्ट पहले ही सौंप दी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ चर्चा के बाद सिफारिशों को लागू किया जाएगा।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीएससी