Maoist Surrender : छत्तीसगढ़ में महिला समेत तीन माओवादियों ने हथियार छोड़े, डीजीपी ने किया मुख्य धारा में स्वागत

कांकेर में माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
छत्तीसगढ़ में महिला समेत तीन माओवादियों ने हथियार छोड़े, डीजीपी ने किया मुख्य धारा में स्वागत

रायपुर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओइस्ट) की उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी के डिविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) मल्लेश और पार्टी सदस्य रानू पोडियाम ने कांकेर पुलिस तथा बीएसएफ के सामने आत्मसमर्पण किया।

दोनों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया और पुनर्वास की प्रक्रिया के लिए संपर्क किया।

इसके बाद 25 फरवरी को एक अन्य महिला माओवादी कैडर मासे ने भी एके-47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया। मासे ने मल्लेश और रानू पोडियाम द्वारा दी गई जानकारी तथा स्थानीय समाज के वरिष्ठ लोगों और मीडिया की मदद से पुलिस से संपर्क किया। वह पुलिस के समक्ष उपस्थित हुई और हथियार सौंप दिया।

कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से भी संपर्क बनाया जा रहा है। उन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास लगातार चल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों की जानकारी से पुलिस को और कैडरों तक पहुंचने में मदद मिल रही है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने इन तीनों के हिंसा छोड़ने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि माओवादी कैडर अब हिंसा त्यागकर शांतिपूर्ण जीवन अपनाएं। जो भी कैडर मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हरसंभव मदद दी जाएगी। इसमें आर्थिक सहायता, रोजगार, शिक्षा और परिवार की सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

डीवीसीएम मल्लेश, रानू पोडियाम और मासे का औपचारिक हथियार सुपुर्दगी तथा सामाजिक पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगामी दिनों में एक कार्यक्रम में आयोजित की जाएगी। उत्तर बस्तर क्षेत्र में माओवादियों के नेटवर्क पर लगातार असर पड़ रहा है। पुलिस और बीएसएफ के प्रयासों से कई कैडर हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...