कानपुर, 4 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। करीब 11 इलाके जलभराव की चपेट में हैं। कई स्थानों पर पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम ने प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, एनडीआरएफ टीम कमांडर अजय सिंह और एसडीएम सदर अभिनव सिंह ने मौके की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी। जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और जिन घरों में अभी लोग मौजूद हैं, वहां लगातार निगरानी की जा रही है।
पांडु नदी का पानी बढ़ने से कई बस्तियों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। कुछ जगहों पर चार से छह फीट तक पानी होने की बात स्थानीय लोगों ने कही। पानी भरने से घरेलू सामान खराब हो गया है और कई घरों में खड़ी बाइक व अन्य वाहन भी डूब गए हैं। प्रभावित परिवार घर खाली कर बेड, फ्रिज, सिलेंडर, राशन और जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। लोगों के सामने घर और सामान बचाने के साथ परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रखने की चुनौती बनी हुई है। कई परिवार घरों में ताला लगाकर सड़क किनारे टेंट में रहने को मजबूर हैं। किसी टेंट में बिस्तर रखा गया है तो कहीं राशन और घरेलू सामान जमा किया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बच्चों और बुजुर्गों के साथ घर के भीतर रहना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासी सुरेश ने बताया कि पानी घरों में भरने के कारण लोग बाहर रहने को मजबूर हैं। करीब 200 से 250 लोग सड़क किनारे रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की टीम एक दिन पहले आई थी, लेकिन फिलहाल राहत के संबंध में कोई नई सूचना नहीं मिली है।
एक अन्य स्थानीय ने बताया कि वह हमीरपुर क्षेत्र का रहने वाला है और कानपुर में किराये के मकान में रहता है। तीन-चार दिनों से घर में पानी भरा है और सामान अंदर ही रह गया है। परिवार के साथ टेंट लगाकर रहना पड़ रहा है। खाने-पीने की व्यवस्था भी मुश्किल है और परिवार उधार लेकर किसी तरह गुजारा कर रहा है। उसने दावा किया कि बस्ती में बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हैं।
स्थानीय निवासी प्रियंका ने बताया कि उनके घर में करीब छह फीट पानी भर गया था और घर का अधिकांश सामान खराब हो गया। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले खरीदा गया ऑटो भी पानी में फंसा है, जिससे परिवार की कमाई प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की।
एक अन्य स्थानीय निवासी किशोर ने बताया कि उनके घर में पांच से छह फीट तक पानी होने की जानकारी है। उन्होंने कहा कि वह सुरक्षित स्थान पर चले गए थे, लेकिन जरूरी कागजात और सामान निकालने के लिए वापस आए थे।
एनडीआरएफ टीम कमांडर अजय सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पानी बहुत धीमी गति से बढ़ रहा है। पिछली रात से अब तक पानी करीब पौने फीट बढ़ा है। अधिकांश लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। करीब 15 से 20 घरों में अभी लोग रुके हुए हैं। ये परिवार फिलहाल स्थिति पर नजर रख रहे हैं और पानी बढ़ने की स्थिति में बाहर निकलने के लिए तैयार हैं। एनडीआरएफ की एक टीम पिछले शाम से रेस्क्यू अभियान में लगी है, जिसमें करीब 35 सदस्य हैं।
कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शहर में गंगा और यमुना के जलस्तर से फिलहाल बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन पांडु नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण निचले इलाकों में जलभराव हुआ है। पांडु एक मौसमी नदी है और आसपास के कैचमेंट एरिया में बारिश के कारण नदी का पानी बढ़ा है। पास की नहर से भी स्थिति प्रभावित हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित लोगों से संपर्क किया है। पिछली रात एनडीआरएफ की नावों के जरिए करीब 100 लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया। लगभग 1,000 परिवारों के प्रभावित होने की सूचना है और स्थिति के अनुसार राहत कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
एसडीएम सदर अभिनव सिंह ने बताया कि प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम पिपौरी ग्राम पंचायत में लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है। पानी बढ़ने से जलभराव हुआ और करीब 150 से 200 घर प्रभावित हुए हैं। अधिकांश लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एनडीआरएफ की नावें लगातार चलाई जा रही हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर आने की अपील की जा रही है। प्रभावित लोगों के खाने और रहने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई है। प्रशासन तब तक मौके पर सक्रिय रहेगा और लगातार निगरानी रखेगा, जब तक प्रभावित क्षेत्र में हर व्यक्ति सुरक्षित नहीं हो जाता।
--आईएएनएस
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