कन्नूर, 20 जुलाई (आईएएनएस)। कन्नूर के डेंटल कॉलेज के छात्र नितिन राज की मौत के मामले की जांच में बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच ने सोमवार को मामले के मुख्य आरोपी डॉ. एम.के. राम को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही कई महीनों से चल रही उनकी फरारी खत्म हो गई। उनकी गिरफ्तारी में देरी को लेकर जनता और न्यायपालिका ने भी सवाल उठाए थे।
मुख्य आरोपी को कर्नाटक के कोडगु (कुर्ग) से हिरासत में लिया गया और कन्नूर स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
10 अप्रैल को कन्नूर के अंजारकंडी डेंटल कॉलेज में 22 वर्षीय डेंटल छात्र नितिन राज आरएल की कॉलेज की पांचवीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। तिरुवनंतपुरम के एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे नितिन ने कई बार नीट परीक्षा देने के बाद बीडीएस में दाखिला हासिल किया था। उन्होंने सितंबर 2025 में कॉलेज में प्रवेश लिया था।
दोपहर के समय राज कैंपस में गंभीर रूप से घायल हालत में मिला। उसे कन्नूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार के सदस्यों और साथी छात्रों ने आरोप लगाया कि फैकल्टी सदस्यों की ओर से लगातार जाति आधारित उत्पीड़न किया जा रहा था।
इन आरोपों के बाद कॉलेज ने 11 अप्रैल को दो फैकल्टी सदस्यों को निलंबित कर दिया। इनमें ओरल पैथोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. एम.के. राम और के.टी. संगीता नंबियार शामिल थे। संगीता अभी जमानत पर बाहर हैं।
जांच अधिकारी ने सोमवार सुबह मीडिया से कहा, "मामले में पूछताछ जारी है। सही समय पर पूरी जानकारी साझा की जाएगी।"
खुफिया जानकारी के आधार पर पता चला कि राम कर्नाटक के कोडगु स्थित एक बागान में छिपा हुआ है। इसके बाद एक गुप्त अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
स्थानीय पुलिस की मदद से क्राइम ब्रांच की टीम राज्य की सीमा पार कर वहां पहुंची और छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, फरारी के दौरान राम ने दाढ़ी बढ़ाकर अपना हुलिया बदल लिया था, ताकि उसकी पहचान न हो सके।
यह गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हुई। इसके बाद वह कथित तौर पर फरार हो गया था।
इससे पहले, जांच टीम को उसके ठिकाने के बारे में जानकारी मिलने पर वे आंध्र प्रदेश के चित्तूर गए थे।
हालांकि पुलिस ने उस जगह का पता लगा लिया था, जहां राम ठहरा हुआ था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से फरार हो गया।
क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान राम को स्थानीय लोगों या किसी अन्य व्यक्ति से मदद मिली थी या नहीं।
आरोपी की गिरफ्तारी में हुई देरी को लेकर पीड़ित के परिवार, छात्र संगठनों और आम लोगों ने पुलिस की कड़ी आलोचना की थी।
यह आरोप भी लगाए गए कि प्रभावशाली राजनीतिक और प्रशासनिक लोगों से कथित संबंधों के कारण राम गिरफ्तारी से बचता रहा। नितिन राज के परिवार और पीड़ित के समर्थन में बनी एक्शन काउंसिल ने कई बार यह मुद्दा उठाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने राम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उसके कथित व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
उम्मीद है कि क्राइम ब्रांच राम को कोर्ट में पेश करने के बाद उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेगी, ताकि उससे पूछताछ की जा सके। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से यह पता चल सकेगा कि गिरफ्तारी से बचने में उसकी किसने मदद की थी। साथ ही, नितिन राज की मौत से जुड़े घटनाक्रम के बारे में भी और जानकारी मिल सकती है।
नितिन की बहन राखी ने कहा, "आखिरकार हमें खुशी है कि फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमें असली न्याय तभी मिलेगा, जब उसे सजा मिलेगी।"
--आईएएनएस
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