कोलकाता, 8 सितंबर (आईएएनएस)। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स (खाद्य सुरक्षा मानकों) को पूरा न करने के कारण राजधानी में लगभग 40 रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि रिपन स्ट्रीट पर 'करीम्स', केएमसी मुख्यालय के पास 'निजाम्स' और ईएम बाईपास पर 'शिमला बिरयानी' के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
उनके अनुसार, नागरबाजार में 'अर्सलान' के एक आउटलेट का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है। दक्षिण कोलकाता के कई रेस्टोरेंट और खाने-पीने की जगहें भी इस लिस्ट में शामिल हैं। इन रेस्टोरेंट के लाइसेंस रद्द करने का फैसला केएमसी और उसके फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारियों द्वारा खाने की क्वालिटी, कच्चा माल और दुकानों की हालत की जांच के लिए चलाए गए एक हफ्ते लंबे अभियान के बाद लिया गया।
अधिकारी के मुताबिक, कई जगहों पर खराब खाना मिला, साथ ही बिरयानी में घरों की दीवारों पर इस्तेमाल होने वाला पेंट मिलाए जाने के सबूत भी मिले। कहीं-कहीं खाने में फंगस मिली, तो कहीं खाने के स्टोरेज एरिया में कीड़े-मकोड़े और चूहों के घर पाए गए।
पिछले कुछ दिनों से कोलकाता के कई रेस्टोरेंट, होटलों और शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट में छापेमारी चल रही है। ये छापेमारी राज्य के स्वास्थ्य विभाग और केएमसी अधिकारियों ने की।
एक अधिकारी के अनुसार, पिछले सात दिनों में 167 रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट में छापेमारी की गई। कुल मिलाकर, 1,300 किलोग्राम खराब खाने का सामान नष्ट किया गया। 40 से ज्यादा रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। इस लिस्ट में कई मशहूर रेस्टोरेंट भी शामिल हैं।
हालांकि, कहा जा रहा है कि लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई अस्थायी है। बुधवार को एक वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। वहां सभी को सही ट्रेनिंग दी जाएगी।
अधिकारी ने कहा, "लाइसेंस रद्द होने का सबसे आम कारण साफ-सफाई न होने वाली जगह पर खाना बनाना है, जहां कॉकरोच, चूहे और कीड़े-मकोड़े पाए गए। सड़ा हुआ खाना और कच्चा सामान भी मिला। इसके अलावा, कई जगहों पर रंग लाने वाले पदार्थों के इस्तेमाल के सबूत मिले हैं। मिठाई की दुकानों, बिरयानी रेस्तरां और होटलों में कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों के इस्तेमाल के सबूत मिले हैं। एक्सपायर्ड खाना और मसाले इस्तेमाल करने के मामले भी सामने आए हैं।"
इसी तरह, कई जगहों पर खाने पर तारीख तक नहीं लिखी थी। अधिकारियों को जला हुआ तेल इस्तेमाल करने के सबूत भी मिले।
राज्य के खाद्य और आपूर्ति मंत्री अशोक कीर्तनिया ने इस समस्या के लिए पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा, "पिछली सरकार ने इन चीजों पर ध्यान नहीं दिया। हमारी जनता की सरकार है। हम लोगों की सेहत और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी होटलों और रेस्तरां में खाने की क्वालिटी की जांच की जाए। पीने के पानी के स्टैंडर्ड की भी जांच की जाएगी।"
--आईएएनएस
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