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कोलकाता: अब पुलिस की सघन निगरानी में होंगे कैदी, लॉक अप में लगेंगे 59 सीसीटीवी कैमरे

कोलकाता: अब पुलिस की सघन निगरानी में होंगे कैदी, लॉक अप में लगेंगे 59 सीसीटीवी कैमरे

कोलकाता, 3 अगस्त (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस सुरक्षा-व्यवस्था को दुरूस्त करने और कैदियों पर निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से लाल बाजार के सेंट्रल लॉक अप में 59 सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रही है। इन सीसीटीवी कैमरे को लगाने में 35 लाख तक का खर्च आएगा। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस निगरानी तंत्र को बढ़ाने की दिशा में कुल 54 डोम कैमरे और 5 बुलेट कैमरे लगाए जाएंगे। जिसे रणनीतिक तौर पर लॉक अप रूम में लगाया जाएगा। इसे लगाने का मुख्य उद्देश्य पूरे तंत्र की व्यापक निगरानी करना है।

ध्यान दें कि मौजूदा समय में केंद्रीय लॉक अप पुलिस की निगरानी में है। यहां पर मुख्य रूप से विभिन्न पुलिस यूनिट्स की ओर से नजरबंद किए गए आरोपियों को लाया जाता है, जिसमें खूफिया विभाग और प्रवर्तन विभाग भी शामिल है।

हालांकि, अभी-भी यह सुविधा पुलिस की निगरानी में है, जो पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे से लैस है। अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा स्थिति को देखते हुए सघन निगरानी जरूरी हो जाती है। खासकर रात के समय, जब दृश्यता कम होती है। ऐसी स्थिति में कैदियों पर निगरानी रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। कॉरिडोर के अलावा उन कमरों में भी इन सीसीटीवी कैमरों को लगाया जाएगा, जहां पर कैदियों को रखा जाता है।

पुलिस ने लॉक अप का निरीक्षण किया और उन जगहों को भी चिन्हित किया, जहां पर सीसीटीवी कैमरों को तत्काल लगाने की आवश्यकता है। यह सर्विलांस सिस्टम एक ऐसी तकनीक से लैस होगा, जो रात के अंधेरे में हो रही गतिविधियों को भी कैद करने में सक्षम होगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह डोम कैमरा 50 मीटर तक की गतिविधियों को कैद कर सकेगा। वहीं, बुलेट कैमरा 60 मीटर तक की दूरी तक के दृश्यों को कैद कर सकेगा।

इस कैमरे की खास बात यह है कि यह बातचीत को भी रिकॉर्ड कर सकेगा। संवाद के इतर आसपास गूंज रही अन्य आवाजों को भी यह कैमरा रिकॉर्ड कर सकेगा। इतना ही नहीं, रात के गहरे अंधेरे में भी ये कैमरे ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें ले सकेंगे। पुलिस ने इन कैमरों को लगाने के लिए आठ लाख रुपये की राशि निर्धारित की है, जबकि बाकी की राशि को निगरानी तंत्र को मजबूत करने और दूसरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में लगाया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करने की वजह से हमें कई कई तरह की सहूलियतें प्राप्त होंगी, जिसमें प्रमुख रूप से दो कैदियों के बीच होने वाली झड़प, कैदियों द्वारा भागने की कोशिश और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियां भी शामिल हैं, जिसमें कई बार कैदी संलिप्त पाए जाते हैं।

पुलिस के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों को इस सर्विलांस सिस्टम के जरिए आसानी से कैद किया जा सकेगा। खासकर रात के समय में कैदियों के बीच कई तरह की गतिविधियां देखने को मिलती है, जिनकी निगरानी आसानी से पुलिस की ओर से की जा सकेगा।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम