नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद छात्रों के लिए सुरक्षित और बेहतर आवास व्यवस्था को लेकर सरकार ने पहल तेज कर दी है। दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में छात्र आवास और सुरक्षा को लेकर गठित हाई-पावर्ड कमेटी की पहली बैठक मंगलवार को हुई।
बैठक में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर, एनडीएमसी की चेयरपर्सन, एमसीडी कमिश्नर और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कमेटी के सदस्य शामिल हुए।
बैठक में दिल्ली में कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित, सुलभ और बेहतर आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। साथ ही, पीजी और कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया गया।
आईएएनएस से बातचीत में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पीजी अकोमोडेशन को रेगुलेट करने और उसके प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए पुलिस, एमसीडी, डीडीए और विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न प्रशासनिक निकायों के प्रतिनिधियों की कमेटी बनाई गई है। बैठक में पीजी सुविधाओं और कोचिंग संस्थानों के सही संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। इसमें स्ट्रक्चरल सेफ्टी, फायर सेफ्टी, छात्रों की मानसिक सुरक्षा और सामान्य सुरक्षा संबंधी चिंताओं जैसे मुद्दों पर भी विचार किया गया।
छात्रों और पीजी सुविधाओं से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित करने के लिए पोर्टल तैयार किए जा रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में पीजी संचालकों के पंजीकरण और छात्र आवास से संबंधित डेटा को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि केवल नए हॉस्टल बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौजूदा पीजी सुविधाओं की सुरक्षा, रखरखाव और नियमों के पालन को भी सुनिश्चित करना जरूरी है। सरकार ऐसा नियामक ढांचा तैयार करने का प्रयास कर रही है, जिसमें छात्रों की सुरक्षा के साथ-साथ भोजन, किराया और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़े पहलुओं को भी व्यवस्थित किया जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का भी मंत्री ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सेवा से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने दिल्ली सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में कई बदलाव किए गए हैं।
--आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम







