नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने पर सियासत तेज हो गई है। इस बीच दिल्ली में भाजपा सांसद और झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा, "कल सरकार के संरक्षण में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने किस तरह गुंडागर्दी की और छात्रों को लाठियों से पीटा, जिससे कई जिलों में सैकड़ों छात्र घायल हो गए। मेरा मानना है कि झारखंड सरकार और उसके कार्यकर्ता सत्ता के अहंकार में डूबे हुए हैं और उन्होंने झारखंड के लिए एक नई परंपरा शुरू कर दी है। अगर विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ता भी इसी तरह लाठियां लेकर बाहर निकलें, तो उस झारखंड का क्या होगा?"
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आदित्य प्रसाद साहू ने कहा कि वह झारखंड पर कुछ नहीं बोलेंगे क्योंकि वहां की सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी और उनके परिवार ने झारखंड के लोगों को हल्के में लिया है। पहले कांग्रेस ने झारखंड राज्य आंदोलन को खरीदने की कोशिश की, अब वे हमारे छात्रों के भविष्य के साथ समझौता करने में लगे हैं। इस शासन में वे सभी अपराध में भागीदार हैं."
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी को दिल्ली में धरना देने के बजाय झारखंड आना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम बार-बार कह रहे हैं कि आपको झारखंड आना चाहिए, छात्रों से बात करनी चाहिए, मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए, मुख्यमंत्री पर दबाव डालना चाहिए और सीबीआई जांच की सिफारिश करवानी चाहिए।"
वहीं, रांची में भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, "कल तक ये छात्र मुख्यमंत्री की तारीफ कर रहे थे, उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे थे, लेकिन जब छात्रों को पता चला कि उनके साथ छल हुआ है और उन्होंने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई तो छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।"
--आईएएनएस
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