रांची, 1 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड में एलाइड और हेल्थकेयर कोर्स कर रहे छात्रों के लिए राहत की खबर है। अब इन छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा और रजिस्ट्रेशन के लिए पूरे राज्य में एकसमान व्यवस्था होगी। जिन पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं तकनीकी वजहों या नियमों की अड़चनों के कारण रुकी हुई हैं, उनके मामलों का भी समाधान किया जाएगा।
झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद की मंगलवार को हुई पहली बैठक में ये फैसले लिए गए। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई परिषद की बैठक में तय किया गया कि पहले से पढ़ाई कर रहे ट्रांजिशन बैच के छात्रों की परीक्षा कराई जाएगी।
जिन कोर्स की फाइनल परीक्षा अब तक नहीं हुई है, उनके बारे में कैबिनेट में फैसला लिया जाएगा। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी, जिनकी पढ़ाई पूरी हो चुकी है, लेकिन परीक्षा या उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया अभी अटकी हुई है। नई व्यवस्था के तहत परिषद एलाइड और हेल्थकेयर से जुड़े कॉलेजों और संस्थानों को मान्यता देगी।
डिप्लोमा और दूसरे कोर्स भी इसी व्यवस्था के तहत आएंगे। कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों का रजिस्ट्रेशन भी परिषद करेगी। इससे छात्रों को यह पता रहेगा कि कौन-सा कॉलेज और कौन-सा कोर्स मान्य है और पढ़ाई पूरी करने के बाद रजिस्ट्रेशन कहां से कराना है।
छात्रों को जानकारी के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए एक वेब पोर्टल बनाया जाएगा। इस पर कोर्स, परीक्षा की तारीख, रजिस्ट्रेशन और कॉलेजों से जुड़ी जरूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी।
एलाइड और हेल्थकेयर के अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ाई और परीक्षा का स्तर एक जैसा रहे, इसके लिए भी एक कॉमन सिस्टम तैयार किया जाएगा। इससे छात्रों को अलग-अलग संस्थानों में अलग नियमों की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में पहले से काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सहिया, एमपीडब्ल्यू और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए करीब छह महीने का स्पेशल ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने का सुझाव दिया। इससे काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को नई स्किल सीखने का मौका मिलेगा और राज्य को प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी भी मिल सकेंगे।
बैठक में निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, परिषद की चेयरपर्सन डॉ. मनीषा किरण, रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डीके सिन्हा, डॉ. अजीत खलखो, डॉ. विनोद कुमार और अंशु सिंह सहित परिषद के सदस्य मौजूद थे।
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