रांची, 18 जून (आईएएनएस)। झारखंड राज्यसभा चुनाव के मतदान परिणामों को लेकर इंडिया गठबंधन के अंदर तनातनी बढ़ गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने कांग्रेस पर अपने ही विधायकों का पूरा समर्थन हासिल करने में नाकामी का आरोप लगाते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले बड़ी पार्टियों को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर जारी एक पोस्ट में पार्टी ने लिखा, "झारखंड राज्यसभा वोटिंग के नतीजों से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस अपने ही सभी विधायकों का समर्थन हासिल करने में नाकाम रही। दूसरों पर उंगली उठाने से पहले, बड़ी पार्टियों को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।"
पार्टी ने आगे कहा कि जो लोग अपनी पार्टी या लीडरशिप को बचाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं, वे सीपीआई(एमएल) और उन सभी विधायकों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहे हैं जिन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के लिए ईमानदारी से वोट दिया था। सीपीआई(एमएल) ने इसे कांग्रेस द्वारा सीपीआई(एमएल) को बदनाम करने की कोशिश करार देते हुए चेतावनी दी कि इससे पूरे इंडिया ब्लॉक की छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
पार्टी ने कहा, "यह सिर्फ सीपीआई(एमएल) को बदनाम करने की कोशिश नहीं है, बल्कि एक ऐसी कोशिश है जिससे पूरे 'इंडिया' ब्लॉक की छवि को नुकसान पहुंचता है।"
झारखंड में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद कांग्रेस ने सीपीआई(एमएल) समेत अपने सहयोगी दलों पर आरोप लगाए थे। सीपीआई(एमएल) लिबरेशन ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने घर की सफाई करनी चाहिए।
झारखंड में विपक्षी गठबंधन के बीच यह विवाद 2026-27 के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन की एकता पर सवाल खड़ा कर रहा है। सीपीआई(एमएल) लिबरेशन झारखंड में खासकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत आधार रखती है और गठबंधन के लिए उसका समर्थन महत्वपूर्ण माना जाता है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसके विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार को ईमानदारी से वोट दिया, लेकिन कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट नहीं रख पाई।