झारखंड में पिछले छह-सात वर्षों में बढ़ा अपराध का ग्राफ : सांसद विद्युत वरण महतो

झारखंड में पिछले छह-सात वर्षों में बढ़ा अपराध का ग्राफ : सांसद विद्युत वरण महतो

जमशेदपुर, 3 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के जमशेदपुर में करनी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या और शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को एनडीए के आह्वान पर बुलाए गए बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं, जबकि सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही भी काफी कम रही। बंद के समर्थन में भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ता विभिन्न इलाकों में जुलूस निकालते हुए लोगों और व्यापारियों से सहयोग की अपील करते नजर आए।

जमशेदपुर बंद के दौरान सांसद विद्युत वरण महतो भी साकची में अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर उतरे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। सांसद विद्युत वरण महतो ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि पिछले छह-सात वर्षों में शहर में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। हत्या, लूट और छिनैती जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की हत्या होना प्रशासन की बड़ी विफलता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले मानगो क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर कई हत्याएं हो चुकी हैं।

सांसद महतो ने दावा किया कि आम जनता और व्यापारिक संगठनों ने स्वेच्छा से बंद का समर्थन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार कानून-व्यवस्था सुधारने में विफल रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश आकर्षित करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था आवश्यक है।

साकची, बिष्टुपुर, मानगो, जुगसलाई, गोलमुरी, बर्मामाइंस और टाटानगर रेलवे स्टेशन के आसपास के बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। कई स्थानों पर बंद समर्थकों ने खुली दुकानों के संचालकों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रतिष्ठान बंद करने का अनुरोध किया, जिसे व्यापारियों का समर्थन मिला। इसके चलते सुबह के समय बाजारों में चहल-पहल काफी कम रही।

बंद के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहे। शहर के संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौक-चौराहों और बाजारों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गश्ती दलों को भी सक्रिय रखा गया। बंद के कारण सुबह के समय यातायात आंशिक रूप से प्रभावित रहा, हालांकि अस्पतालों, दवा दुकानों और अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

--आईएएनएस

एसएके/एएस