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झारखंड में मंत्री से वार्ता के बाद 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मियों ने प्रस्तावित हड़ताल वापस ली

झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों का प्रस्तावित हड़ताल वापस
झारखंड

रांची, 16 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मियों ने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के साथ वार्ता के बाद प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। बैठक में वेतन भुगतान, स्थानांतरण और अन्य सुविधाओं से जुड़ी कर्मियों की शिकायतों पर चर्चा हुई।

स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इन मामलों की जांच कराने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 108 एंबुलेंस कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ सेवा का संचालन करने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल समेत संबंधित अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

कर्मियों ने संचालन एजेंसी पर पूर्व में किए गए आश्वासनों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने वेतन भुगतान में देरी, स्थानांतरण और कार्य से जुड़ी अन्य सुविधाओं में अनियमितता की शिकायत की। कर्मियों ने विशेष रूप से स्थानांतरित कर्मचारियों के मामलों की जांच कराने की मांग रखी। वहीं, संचालन एजेंसी के प्रतिनिधियों ने कर्मियों के आरोपों पर अपना पक्ष रखा। एजेंसी की ओर से कहा गया कि कुछ ड्राइवरों और अन्य कर्मियों की कार्य में रुचि नहीं होने के कारण उनका स्थानांतरण किया गया है।

एजेंसी ने वेतन का भुगतान नहीं होने या कम भुगतान किए जाने के आरोपों को गलत बताया और कहा कि कर्मियों को नियमानुसार वेतन और सुविधाएं दी जा रही हैं। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मंत्री और अपर मुख्य सचिव ने कर्मियों की शिकायतों की जांच कराने का भरोसा दिया। अधिकारियों ने विशेष रूप से स्थानांतरण से जुड़े मामलों की पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मियों ने 25 सितंबर की प्रस्तावित पूर्ण हड़ताल और 28 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।

इससे पहले एंबुलेंस कर्मियों के संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके तहत 14 सितंबर से काला बिल्ला लगाकर विरोध, 19 सितंबर को कैंडल मार्च, 21 सितंबर को भिक्षाटन और 23 सितंबर को धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित था। बुधवार की वार्ता के बाद इन कार्यक्रमों के संबंध में संघ की ओर से अलग से स्थिति स्पष्ट की जानी है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी