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जदयू नेता ने राहुल गांधी के बयान पर किया पलटवार, कहा-‘कहने और करने में अंतर होता है'

जदयू

पटना, 23 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के समाज में महिलाओं की बराबरी को लेकर दिए गए बयान पर जदयू नेता श्याम रजक ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कहने और करने में अंतर होता है। अगर वे ऐसा मानते हैं तो इसकी शुरूआत सबसे पहले अपनी पार्टी से करें।

पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हमारी पितृसत्तात्मक व्यवस्था लड़कियों को डराती और दबाती है।

पटना में आईएएनएस से बातचीत में जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमेशा कहा था कि नारी के सहयोग के बिना विकास संभव नहीं है। नारी को सम्मान मिलना चाहिए। इसी बात को महात्मा गांधी ने भी माना था और कहा था कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में पंचायती व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया। सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को आरक्षण दिया गया। पुलिस विभाग में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। नीतीश कुमार ने यह करके दिखाया है।

श्याम रजक ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कहने वाले कभी सम्मान नहीं करते हैं। सम्मान की शुरुआत अपने घर और अपने दल से करनी होगी। तभी समाज, राज्य और राष्ट्र में यह संदेश जाएगा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए।

सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि जो लोग नीतीश कुमार की सोच और विचारों को पूरी तरह मानते हैं और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं, वे सभी उनके अनुयायी और उनकी विरासत के उत्तराधिकारी हैं। इसलिए, अगर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि वह नीतीश कुमार की सोच और विचारों को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो इस तरह से वह उनकी विरासत के सही उत्तराधिकारी हैं।

भाजपा की ओर से जेन-जी से सीधे संवाद करने के लिए बनाई गई टीम को लेकर जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि पूरी दुनिया में जितनी भी क्रांतियां हुई हैं, चाहे वह फ्रांस, रूस, चीन या भारत में हुई हों, उनमें युवाओं की भूमिका रही है और युवाओं ने नेतृत्व किया है।

उन्होंने कहा कि आज अगर केंद्र सरकार इस बात को समझते हुए जेन-जी से संवाद करने का प्रयास कर रही है, तो यह अच्छी शुरुआत है। आज का युवा व्यवस्था से परेशान है। अगर युवाओं की समस्याओं पर संवाद नहीं होगा, तो स्थिति कैसे सुधरेगी, इसलिए युवाओं के साथ संवाद होना चाहिए। राज्य में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी जेन-जी से संवाद की शुरुआत कर दी है। युवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से युवाओं से संवाद कर छात्रों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

--आईएएनएस

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