logo

'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंजा पुरी, दर्शन के लिए बहुड़ा यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंजा पुरी, दर्शन के लिए बहुड़ा यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

पुरी, 24 जुलाई (आईएएनएस)। भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण बहुड़ा यात्रा शुक्रवार को आषाढ़ शुक्ल दशमी के अवसर पर होगी। नौ दिनों तक श्री गुंडिचा मंदिर, जिसे भगवान की मौसी का घर माना जाता है, में विराजमान रहने के बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई भगवान बलभद्र, बहन देवी सुभद्रा और सुदर्शन चक्र भव्य रथों पर सवार होकर अपने मूल धाम श्री जगन्नाथ मंदिर आएंगे। इस यात्रा में शामिल होने और भगवान के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।

बहुड़ा यात्रा को रथ यात्रा का वापसी पर्व माना जाता है। इस अवसर पर सुबह से ही पुरी की सड़कों पर लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन के लिए घंटों पहले से ही सड़क किनारे इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ ही देर में पारंपरिक वैदिक अनुष्ठानों और धार्मिक रीति-रिवाजों के बाद भगवान के रथों को खींचने का शुभारंभ होगा।

इस अवसर पर पुरी पहुंचे एक श्रद्धालु ने कहा कि वह जीवन में पहली बार भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मां कुछ महीने पहले यहां आई थीं और उन्हीं की प्रेरणा से वह भी दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालु ने कहा कि यहां का आध्यात्मिक वातावरण इतना अद्भुत है कि अब वापस जाने का मन ही नहीं करता। उन्होंने बताया कि वह और उनका परिवार सुबह करीब दो बजे से भगवान के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनके अनुसार, भगवान के दर्शन का इंतजार करते हुए ऐसा महसूस हो रहा है कि जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य मिलने वाला है। उन्होंने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और सभी लोगों से आग्रह किया कि जीवन में कम-से-कम एक बार पुरी आकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन अवश्य करें। जगत के नाथ वर्ष में एक बार स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने बाहर आते हैं और यह अनुभव शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।

कर्नाटक से आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह लंबे समय से पुरी की रथ यात्रा के बारे में सुनती आ रही थीं। इसी उत्सुकता और श्रद्धा ने उन्हें पहली बार इस ऐतिहासिक आयोजन का प्रत्यक्ष साक्षी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यहां का माहौल अत्यंत दिव्य और अनुशासित है। हजारों लोग तड़के तीन-चार बजे से ही भगवान के दर्शन की प्रतीक्षा में खड़े हैं। वह भी सुबह से ही रथ मार्ग पर मौजूद हैं और महाप्रभु के दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।

कर्नाटक से ही आई एक अन्य महिला श्रद्धालु ने बहुड़ा यात्रा को अद्वितीय बताते हुए कहा कि यह दुनिया का ऐसा दुर्लभ अवसर है, जब भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आते हैं। इससे बड़ी बात कोई नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि अपने शहर में छोटी रथ यात्रा देखने के बाद से ही उनके मन में पुरी की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा देखने की इच्छा थी। वर्षों से संजोया गया यह सपना आज साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं के बीच बैठकर भगवान जगन्नाथ के रथ का दर्शन करना उनके जीवन का सबसे यादगार पल है।

एक अन्य महिला ने आगे कहा कि यह अनुभव इतना भावुक कर देने वाला है कि यहां से लौटने का मन ही नहीं हो रहा। इस दिव्य वातावरण को महसूस करना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस यात्रा के कई वीडियो और तस्वीरें अपने मोबाइल में कैद किए हैं, जिन्हें घर लौटकर परिवार और मित्रों को दिखाएंगी। साथ ही वह अगले वर्ष अधिक लोगों को अपने साथ पुरी लाने का प्रयास करेंगी, ताकि वे भी इस आध्यात्मिक अनुभूति का हिस्सा बन सकें।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस