श्रीनगर, 9 सितंबर (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए दूसरी तिमाही राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक का आयोजन किया। यह बैठक 7 सितंबर को श्रीनगर के पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) में हुई।
बैठक की अध्यक्षता एनसीबी के उप महानिदेशक (उत्तर-पश्चिम क्षेत्र) ने की, उनके साथ जम्मू-कश्मीर के एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुख और लद्दाख के एएनटीएफ प्रमुख भी मौजूद रहे।
बैठक में ईडी, बीएसएफ, स्टेट ड्रग कंट्रोलर, आईबी, कस्टम्स, डीआरआई, इनकम टैक्स, एनआई सहित कई प्रवर्तन और हितधारक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा जम्मू, श्रीनगर और गांदरबल के जिला एसएसपी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान सभी एजेंसियों ने अपने अनुभव और प्रवर्तन से जुड़ी पहलों को साझा किया। ड्रग तस्करी के उभरते ट्रेंड, अंतर-राज्यीय संपर्क, अवैध खेती, सूचना साझा करने, संयुक्त जांच, वित्तीय जांच और प्रभावी अभियोजन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा 26 जून 2026 को नई दिल्ली में नार्को-समन्वय केंद्र की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक में जारी किए गए 'ड्रग नियंत्रण पर विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)' को लागू करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि ड्रग के खतरे से निपटने के लिए नेटवर्क-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।
साथ ही, एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करने, संयुक्त पूछताछ, प्रभावी वित्तीय जांच और सूचना-साझा करने के उपलब्ध तंत्रों के अधिक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक का समापन सभी हितधारक एजेंसियों के बीच निरंतर सहयोग और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में ड्रग तस्करी नेटवर्क का पता लगाने, उन्हें बाधित करने और ध्वस्त करने के लिए 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' दृष्टिकोण अपनाने के आह्वान के साथ हुआ।
--आईएएनएस
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