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जमशेदपुर: पेड़ों की कलाई पर राखी बांधकर आदिवासी महिलाओं ने लिया संरक्षण का संकल्प

जमशेदपुर:

रांची, 27 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में रक्षाबंधन के अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया स्थित सुनसुनिया जंगल में प्रकृति संरक्षण का अनोखा संदेश देखने को मिला। दरअसल, गुरुवार को यहां सैकड़ों आदिवासी महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में जंगल पहुंचकर साल के पेड़ों को राखी बांधी और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। यह विशेष आयोजन पद्मश्री सम्मानित एवं 'लेडी टार्जन' के नाम से विख्यात जमुना टुडू के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

रक्षाबंधन के इस अनोखे कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं द्वारा पेड़ों की पूजा-अर्चना और आरती करने से हुई। इसके बाद उन्होंने पेड़ों को अपना भाई मानते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस अवसर पर चाकुलिया थाना प्रभारी राजेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भी पेड़ों पर राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

रक्षाबंधन उत्सव के दौरान जंगल का माहौल पारंपरिक संस्कृति से सराबोर रहा। मंदार और धमसा की गूंजती थाप पर महिलाओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया और प्रकृति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करने, अवैध कटाई रोकने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जमुना टुडू ने कहा कि वे पेड़ों को अपना भाई मानती हैं और वर्षों से इसी भावना के साथ जंगल में रक्षाबंधन का पर्व मनाती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह पेड़ों और जंगलों की सुरक्षा के लिए आगे आए।

इसी के साथ उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और वन संपदा के संरक्षण में सहयोग देने की अपील भी की। जमशेदपुर में मनाए गए इस अनोखे रक्षाबंधन आयोजन ने न केवल भाई-बहन के रिश्ते की भावना को नई पहचान दी, बल्कि प्रकृति और मानव के अटूट संबंध को भी मजबूती से उजागर किया।

--आईएएनएस

डीके/एमएस