logo

'पीडीपी को पद नहीं, जनता के लिए राहत चाहिए', आगा मुंतजिर का सरकार पर निशाना

"पीडीपी को पद नहीं, जनता के लिए राहत चाहिए": आगा मुंतजिर
पीडीपी को पद नहीं, जनता के लिए राहत चाहिए

श्रीनगर, 19 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पांच दिवसीय सत्र से पहले पीडीपी ने अपने तेवर साफ कर दिए हैं। पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने कहा कि उनकी पार्टी के लिए इस समय भत्ते और स्पीकर जैसे पद कोई मायने नहीं रखते, बल्कि प्राथमिकता लोगों को राहत देना है।

पीडीपी विधायक सैयद मुंतजिर ने कहा, "इस समय पीडीपी के लिए पोस्ट, भत्ते और खास अधिकार मायने नहीं रखते। पीडीपी के लिए अभी यह मायने रखता है कि हम लोगों को कैसे राहत दे सकते हैं, हम आरक्षण का मुद्दा कैसे सुलझा सकते हैं और हम यहां के बच्चों को कैसे राहत दे सकते हैं। इस समय हमारी प्राथमिकता किसी भी तरह से जम्मू-कश्मीर के लोगों को राहत देना है, न कि अपने लिए कोई पद या पोस्ट ढूंढना।"

उन्होंने कहा कि जहां तक ​​सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र की बात है, हालांकि यह पांच दिन का सत्र है और कम समय के लिए रखा गया है, हम एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर लोगों ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरा करेंगे। सरकार ने दो साल पहले लोगों से जो वादे किए थे, चाहे वह आरक्षण को लेकर हो, राजनीतिक लोगों की रिहाई के बारे में हो, या दूसरे सुधारों के बारे में हो, हम ये सभी मुद्दे उठाएंगे। आप देख सकते हैं कि जनरल कैटेगरी के बच्चों के साथ कैसे संस्थागत भेदभाव हो रहा है।

उन्होंने कहा कि हम सरकार को उनकी जिम्मेदारी बार-बार याद दिलाएंगे। इन पांच दिनों में हम सरकार को याद दिलाएंगे कि जो आपने वादे किए, उन्हें जमीन पर उतारा जाए। हमारे लिए पद इस वक्त मायने नहीं रखता है। हमारे लिए मायने ये रखता है कि हम लोगों को कैसे सुविधाएं दें। हम आरक्षण के मुद्दे का समाधान कैसे निकालें। जम्मू-कश्मीर के लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाना हमारी प्राथमिकता है। मिडिल ईस्ट के हालात काफी तनावपूर्ण हैं। हम यही उम्मीद करते हैं कि जो विश्व के नेता हैं, वो बैठकर इसका हल निकालें। एक चीज राहत वाली ये है कि अमेरिका की जो गुंडागर्दी थी, वो अब नहीं चलेगी।

उन्होंने कहा कि जिस अमेरिका के खिलाफ अपने विचार रखना गुनाह माना जाता था, वो आज के दौर में गलत नहीं माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय फोरम में ये स्वागतयोग्य कदम है। वक्त आ गया है कि सभी देश पश्चिमी देशों के खिलाफ एक साथ खड़े हों और उनकी गुंडागर्दी खत्म करें।

वहीं, पीडीपी लीडर इल्तिजा मुफ्ती ने कहा, "दिसंबर 2024 में, नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के सत्ता में आने के तीन महीने बाद, हम उमर अब्दुल्ला के घर के बाहर एक विरोध में शामिल हुए थे। उस विरोध को रोकने के लिए, उमर अब्दुल्ला ने उस समय ओपन मेरिट स्टूडेंट्स से कहा था कि वह छह महीने के अंदर एक कमेटी रिपोर्ट लाएंगे और उनका मसला हल कर दिया जाएगा। तब से, दो साल बीत चुके हैं और हमने आज तक वह रिपोर्ट नहीं देखी है। तब से, जो भी नौकरी की रिक्ति का ऐलान हुआ है, जो छात्र परीक्षा देते हैं, जिनके आवेदन अप्रूव होते हैं और जिन्हें नौकरी मिलती है, वे इस कैटेगरी में नहीं आते।"

--आईएएनएस

केके/एबीएम