जमशेदपुर, 13 जुलाई (आईएएनएस)। संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से सोमवार को जमशेदपुर में सिविल डिफेंस की व्यापक एयर रेड, ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास भारत सरकार के गृह मंत्रालय, नई दिल्ली और झारखंड के नागरिक सुरक्षा आयुक्त रमेश गोलप (भा.प्र.से.) के दिशा-निर्देश पर आयोजित किया गया।
मॉक ड्रिल का आयोजन बिष्टुपुर स्थित महारानी मेंशन और सर्किट हाउस क्षेत्र में किया गया। इस दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, राहत एवं बचाव कार्यों और विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
यह अभ्यास उपायुक्त सह नियंत्रक सिविल डिफेंस राजीव रंजन और अनुमंडल पदाधिकारी सह उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा अर्णव मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित हवाई हमले या अन्य आपात स्थिति के दौरान प्रशासनिक तंत्र की प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना और कमियों को दूर करना है।
अभ्यास के दौरान एयर रेड सायरन बजाने, ब्लैकआउट व्यवस्था लागू करने, राहत और बचाव अभियान चलाने और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण किया गया। सिविल डिफेंस कर्मियों ने आपदा की स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि यह केवल एक पूर्व निर्धारित अभ्यास था और नागरिकों को किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
इस मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन, अग्निशमन विभाग, गृह रक्षावाहिनी, एनसीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। सभी विभागों ने आपसी तालमेल के साथ आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। मॉक ड्रिल के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्यों की प्रक्रिया को बेहतर बनाने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।