श्रीनगर, 24 जुलाई (आईएएनएस)। रणनीतिक रूप से अहम जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा, जबकि केंद्र शासित प्रदेश में सभी प्रमुख यात्राएं शुक्रवार को छठे दिन भी स्थगित रहीं।
लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर रुक-रुक कर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (एनएच-44) बंद रहा। अधिकारियों ने बताया कि रास्ता साफ करने का काम चल रहा है, लेकिन हाईवे को अभी तक ट्रैफिक के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किया गया है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे और भूस्खलन और पत्थर गिरने की संभावना को देखते हुए यात्रा करने से बचें। अधिकारियों ने लोगों से यह भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल और ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट के माध्यम से सड़क की स्थिति की आधिकारिक जानकारी लें।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने के कारण नॉर्दर्न रेलवे ने गुरुवार को श्रीनगर और कटरा के बीच एक स्पेशल ट्रेन चलाई और 600 पर्यटक घाटी से बाहर गए। अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल के निर्देश पर जम्मू डिवीजन की ओर से यह स्पेशल ट्रेन चलाई गई थी।
यह ट्रेन गुरुवार शाम 5.10 बजे श्रीनगर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई, रास्ते में बनिहाल में रुकी और रात 8.15 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंची। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह स्पेशल सर्विस यात्रियों, खासकर कटरा और जम्मू तवी से आगे की ट्रेन कनेक्टिविटी वाले यात्रियों की सुरक्षित और समय पर यात्रा सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई थी।
सिंघल ने कहा, "यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क यातायात की धीमी गति को देखते हुए डिवीजन ने स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया ताकि यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।"
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले एनटीईएस ऐप, आईआरसीटीसी वेबसाइट या 139 रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से ट्रेन की ताजा स्थिति की जांच कर लें। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के दौरान निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू डिवीजन जरूरत पड़ने पर स्पेशल ट्रेनें चलाता रहा है।
इस बीच, खराब मौसम, भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के कारण शुक्रवार को छठे दिन भी जम्मू-कश्मीर में सभी प्रमुख धार्मिक यात्राएं स्थगित रहीं। इनमें श्री अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और शिव खोरी यात्रा शामिल हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की चेतावनी के बाद यात्रा रोक दी गईं।
अधिकारियों ने मौसम ठीक होने और रास्तों के ठीक होने तक यात्राएं रोक दी गई हैं। फंसे हुए श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बेस कैंपों में मुफ्त भोजन (लंगर) और रहने की व्यवस्था की गई है।
--आईएएनएस
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