रांची, 2 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज राकेश सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए और इस मुद्दे पर कांग्रेस शुरू से अपनी मांग उठाती रही है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत की आत्मा है और उसे फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से वहां विकास की गति तेज होगी। उनके मुताबिक, जब राज्य सरकार के पास प्रशासनिक अधिकार होंगे, तब शासन बेहतर तरीके से काम करेगा और कानून-व्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लगातार इस मांग को उठाते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस पर सकारात्मक फैसला नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करना हर राजनीतिक दल का अधिकार है। अगर इंडिया गठबंधन जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए एक मंच पर आकर आंदोलन करता है तो यह पूरी तरह लोकतांत्रिक और उचित कदम होगा।
झारखंड के जमशेदपुर में करणी नेता हत्याकांड मामले में भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जिम्मेदार ठहराए जाने पर भी राकेश सिन्हा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर जमशेदपुर की घटना के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं तो भरत तिवारी के एनकाउंटर के लिए सम्राट चौधरी भी जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सरकार ने 24 घंटे के भीतर कई अहम कदम उठाए, जिनमें आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना, संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करना और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का तबादला करना शामिल है। उनके अनुसार, इससे साफ है कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई ढिलाई नहीं बरत रही।
भाजपा द्वारा इस मामले को लेकर मशाल जुलूस निकालने की घोषणा पर राकेश सिन्हा ने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है, लेकिन किसी भी दुखद घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए ऐसे मुद्दों को उठा रही है। उनका कहना है कि किसी मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की बजाय अगर घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जाती है तो इससे न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
पश्चिम बंगाल में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गुट की चुनाव आयोग से मुलाकात के सवाल पर राकेश सिन्हा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले वोटों को प्रभावित करने की कोशिश होती है, फिर विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को तोड़ने का प्रयास किया जाता है और अंत में राजनीतिक दलों के अस्तित्व तक को चुनौती दी जाती है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर और निष्पक्ष प्रक्रिया मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि किसी दल के कुछ सांसद या विधायक दूसरी पार्टी में चले जाते हैं और उसके बाद उस दल के चुनाव चिह्न या संगठनात्मक स्थिति पर असर पड़ता है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
--आईएएनएस
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