जम्मू-कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी एमबीबीएस की 50-50 सीटें, सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताई खुशी

जम्मू-कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी एमबीबीएस की 50-50 सीटें, सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताई खुशी

जम्मू-कश्मीर, 13 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर और सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू में एमबीबीएस की 50-50 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी दिए जाने पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू, दोनों मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी और प्रशासन को बधाई दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से वार्षिक एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह फैसला जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने और डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू और श्रीनगर व जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फैकल्टी और प्रशासन को बधाई दी। यह बधाई नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा दोनों संस्थानों में 50-50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें मंजूर किए जाने पर दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026-27 शैक्षणिक सत्र से सालाना दाखिला क्षमता में बढ़ोतरी एक बड़ी उपलब्धि है। यह जम्मू-कश्मीर में मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने और डॉक्टर बनने के इच्छुक लोगों के लिए अवसर बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे मेडिकल शिक्षा के विस्तार से प्रदेश के छात्रों को लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार करने में मदद मिलेगी।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले अंत्योदय अन्न योजना के छात्रों और जम्मू-कश्मीर के सरकारी कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पूरी फीस माफी लागू की जाएगी।

सकीना इटू ने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की उस प्रतिबद्धता को पूरा करता है, जिसमें उन्होंने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया था कि आर्थिक परेशानी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर योग्य छात्र के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुलभ, किफायती और समावेशी बनाना है। उन्होंने कहा कि यह पहल एक समान और सशक्त जम्मू-कश्मीर के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

--आईएएनएस

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