जम्मू: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले चिनाब नदी के तट पर जागरूकता सत्र, बीएसएफ के जवानों ने किया अभ्यास

जम्मू: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले चिनाब नदी के तट पर जागरूकता सत्र, बीएसएफ के जवानों ने किया अभ्यास

जम्मू, 18 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में योग जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 18 जून को अखनूर स्थित चिनाब नदी के तट पर योग जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बीएसएफ जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन तथा समग्र कल्याण का संदेश दिया।

इसी दिन कठुआ जिले के हीरानगर स्थित राजकीय उच्च विद्यालय, कड्याला में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तहत योग जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन कठुआ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बीएसएफ के जवानों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और सामुदायिक सद्भाव का संदेश दिया गया।

इससे पहले 17 जून को राजौरी स्थित झूला पुल के निकट मनवर तवी नदी के तट पर योग सत्र आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बीएसएफ जवानों के साथ बीडब्ल्यूडब्ल्यूए की सदस्याओं ने भी भाग लिया। इस दौरान योग की शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता, तनाव प्रबंधन और परिचालनिक तत्परता बढ़ाने में भूमिका पर जोर दिया गया।

वहीं 16 जून को अखनूर किला, जम्मू में आयोजित योग जागरूकता सत्र में बीएसएफ के 96 कार्मिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में योग को शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक मजबूती, तनाव नियंत्रण और परिचालनिक क्षमता को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम बताया गया।

बीएसएफ का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जवानों और आम नागरिकों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा समाज सेवा की भावना को मजबूत करना है।

योग दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ बीएसएफ ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए राजौरी में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया। 18 जून को ब्लड बैंक, 150 जनरल अस्पताल, राजौरी के सहयोग से आयोजित इस शिविर में बीएसएफ के 35 जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। बीएसएफ के अनुसार, यह पहल मानवीय सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक कल्याण के प्रति बल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

--आईएएनएस

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