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जलपाईगुड़ी हथियार बरामदगी मामले में किन्नर पिपासा को मिली जमानत

जलपाईगुड़ी हथियार मामला: किन्नर पिपासा को जमानत मिली
जलपाईगुड़ी

जलपाईगुड़ी, 16 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हथियार बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किन्नर समुदाय की प्रमुख पिपासा हलदार उर्फ पिपासा हिजड़ा को बुधवार की शाम जिला अदालत से जमानत मिल गई।

पिपासा को 10 सितंबर को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब बीएसएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान उनके ठिकाने से कथित तौर पर दो आग्नेयास्त्र, एक बांग्लादेशी सिम कार्ड और बांग्लादेश का जन्म प्रमाण पत्र बरामद किए जाने का दावा किया गया था।

हालांकि, किन्नर समुदाय की सदस्य मानबी हलदार ने आरोप लगाया कि उनकी मां पिपासा को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उनका कहना है कि बरामदगी से उनका कोई संबंध नहीं है।

पिपासा की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता अलोकेश चक्रवर्ती ने दलील दी कि जिन हथियारों की बरामदगी का दावा किया गया है, वे पिपासा के प्रत्यक्ष कब्जे से नहीं मिले थे। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी और बरामदगी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

बता दें कि 10 सितंबर को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने जलपाईगुड़ी शहर के उत्तर रायकटपाड़ा इलाके में स्थित पिपासा के आवास पर करीब 10 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस और बीएसएफ के अनुसार, तलाशी के दौरान दो देसी बंदूकें, तीन जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, एक बांग्लादेशी सिम कार्ड और बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र बरामद किया गया था। इसके बाद पिपासा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

वहीं, गिरफ्तारी के बाद पिपासा ने सभी आरोपों से इनकार किया था। उनका कहना था कि तलाशी के दौरान उनके घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ और उन्हें गलत तरीके से मामले में शामिल किया गया है।

बताया जाता है कि पिपासा हलदार वर्ष 2015 से जलपाईगुड़ी के उत्तर रायकटपाड़ा इलाके में रह रही हैं। समय के साथ वहां किन्नर समुदाय के लोगों की संख्या बढ़ी और वर्तमान में उनके परिसर में 40 से 50 किन्नर एक साथ रहते हैं।

फिलहाल, अदालत से जमानत मिलने के बाद पिपासा को राहत मिली है, जबकि हथियारों, विदेशी दस्तावेजों और कथित विदेशी संपर्कों से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी