जयपुर, 2 सितंबर (आईएएनएस)। जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में एक महिला सफाईकर्मी की बाघ के हमले में मौत हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल में संभावित लापरवाही की जांच के आदेश दिए गए हैं।
यह हादसा बाड़ा नंबर 16 के पास हुआ, जहां महिला रोज की तरह साफ-सफाई और मेंटेनेंस का काम कर रही थी। हमला करने वाले बाघ की पहचान 'शिवाजी' के रूप में हुई है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, महिला जब बाड़े के पास सफाई कर रही थी, तभी बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। उसकी चीख सुनकर अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी और उसे बचाया नहीं जा सका।
घटना के बाद चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन अरुण प्रसाद, डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट आशीष व्यास, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट जितेंद्र सिंह शेखावत और गौरव कुमार के साथ आमेर थाने के एसएचओ राजेंद्र गोदारा नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंचे।
अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना के बारे में शुरुआती जानकारी जुटाई। वन विभाग और पार्क प्रशासन ने घटना के सही क्रम का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया है। परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है।
इस घटना ने खतरनाक जानवरों के बाड़ों के आसपास सफाई और मेंटेनेंस के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के तहत अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि क्या महिला के उस इलाके में जाने से पहले जरूरी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन किया गया था।
यह भी जांच की जा रही है कि क्या बाड़े या उसके गेट को ठीक से बंद नहीं किया गया था, जैसी कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है। अधिकारी यह तय करेंगे कि क्या सुरक्षा नियमों में कोई लापरवाही या उल्लंघन हुआ है और उसी के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क जयपुर के पास एक बड़ा वन्यजीव आकर्षण केंद्र है, जहां राजस्थान सहित देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।
घटना को देखते हुए पार्क के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रक्रियाओं, खासकर बाघ और अन्य खतरनाक जानवरों के बाड़ों के आसपास मेंटेनेंस कार्य से जुड़े नियमों की समीक्षा की जा रही है।
--आईएएनएस
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