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जीडीपी के 7.8 प्रतिशत ग्रोथ पर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, मनोज झा बोले- ग्रोथ की हवा का खुलासा हो गया

जीडीपी

नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जीडीपी के हालिया 7.8 प्रतिशत ग्रोथ आंकड़े को लेकर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है।

जीडीपी ग्रोथ रिपोर्ट पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, "उनसे कहिए कि वे 2005 से पहले के बिहार और 2005 के बाद के बिहार की तुलना करें। जब वे इसकी समीक्षा करेंगे, तो पाएंगे कि गांवों में न सड़कें थीं, न स्कूल, न बिजली, न पानी, न अस्पताल और न ही कोई बुनियादी सुविधा। आज सब कुछ विकसित हो चुका है, इसलिए सवाल तो उठेंगे ही। शहर की तरह आज बिहार के गांव हैं।"

राजद सांसद मनोज झा ने कहा, "प्रधानमंत्री यह आर्थिक वृद्धि की बात किसी निम्न या गरीब वर्ग के बीच जाकर कहें, तब इस वृद्धि की हकीकत सामने आएगी। हमारे संविधान के अनुच्छेद 39 में आर्थिक नियामकों और प्रणालियों का जिक्र है। प्रधानमंत्री इस आंकड़े का उसी के आलोक में मूल्यांकन कर लें, तो दोबारा ऐसी बात नहीं कहेंगे।"

सीपीआई(एम) के जनरल सेक्रेटरी एम. ए. बेबी ने कहा, "देखिए, जीडीपी ग्रोथ रेट का जो अनुमान लगाया जा रहा है, उसकी असलियत खुद पूर्व फाइनेंस सेक्रेटरी ने सामने रखी है। अर्थशास्त्री भी इस पर अपनी बात रख रहे हैं। रघुराम राजन जैसे लोगों ने सामने आकर आंकड़ों में हेरफेर की पोल खोली है। कहा जाता है कि आंकड़ों के साथ कुछ भी किया जा सकता है। आप आंकड़ों का इस्तेमाल कैसे करते हैं, यह सबसे जरूरी बात है। इसलिए, जीडीपी आंकड़ों के जरिए जो जबरदस्त ग्रोथ रेट दिखाई जा रही है, वह असल में आंकड़ों में हेरफेर का नतीजा है।"

एम. ए. बेबी ने आगे कहा, "आने वाले दिनों में इस बारे में और जानकारी सामने आएगी। हम पोलित ब्यूरो में भी इस पर चर्चा करेंगे और बैठक के बाद जारी बयान में जीडीपी में आई इस तथाकथित उछाल और सीपीआई (एम) के नजरिए के बारे में अपनी बात रखेंगे। यह जानकारी आपको एक-दो दिन में मिल जाएगी।"

--आईएएनएस

एसडी/एएस