Advertisement banner

जूडा प्रदर्शन और जहरीली शराब कांड पर बोले डिप्टी सीएम, जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई

जूडा

भोपाल, 8 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने जूनियर डॉक्टरों के संगठन (जूडा) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के मामले में पुलिस कमिश्नर से बात कर जांच के आदेश दिए हैं। वहीं,सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को दुखद बताया है।

जूनियर डॉक्टरों के संगठन (जूडा) के विरोध-प्रदर्शन पर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, "इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के मामले में वे निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे थे। इसलिए मैंने पुलिस कमिश्नर से बात की और जांच के आदेश दे दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) जांच करेंगे और मुख्यमंत्री की वापसी से पहले जांच रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी।"

उन्होंने कहा कि इससे प्रदर्शनकारी संतुष्ट हुए। दूसरे, उनके स्टाइपेंड को लेकर सकारात्मक बातचीत हुए है। इस मुद्दे पर लिए गए निर्णय जल्द ही सबके सामने आएंगे।

सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना पर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा, "हमें इस मामले की तह तक जाना होगा और सबसे सख्त कार्रवाई करनी होगी। गांव के सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया है। 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जल्द ही हम मुख्य आरोपी तक पहुंच जाएंगे और मामले की तह तक जाएंगे। यह बहुत ही घिनौना अपराध है। सबसे पहली बात, गांवों में सरकारी दुकानों से अवैध रूप से शराब बांटना मना है। इसीलिए आपने देखा होगा कि एक्साइज ऑफिसर से लेकर वहां के सभी संबंधित अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जिसमें एसडीओपी भी शामिल हैं और एसडीएम को हटा दिया गया है।"

उन्होंने कहा कि हम निष्पक्ष तरीके से मामले की तह तक जाना चाहते हैं कि क्यों शराब की सप्लाई गांव तक हुई? समय रहते इस तरह की अवैध गतिविधियों पर अंकुश क्यों नहीं लगा? इस पूरे मामले की निगरानी खुद मुख्यमंत्री कर रहे हैं।

डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम करती है। राजनीति के क्षेत्र में कौन किसके साथ है और वह क्या गोरखधंधा करता है,इससे उसका कोई संबंध नहीं होता है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी