इंदौर, 5 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में बिजनेस और ट्रैवलिंग वीजा पर युगांडा और नाइजीरिया से आए लोगों द्वारा मादक पदार्थ की तस्करी मामले में इंदौर पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पूर्व में पकड़ी गई नाइजीरियन महिला से पूछताछ के आधार पर इंदौर पुलिस ने मुंबई के नाला सोपारा से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इंदौर डीसीपी नरेंद्र रावत के मुताबिक, चंदन नगर पुलिस ने 30 अगस्त को नाइजीरिया की रहने वाली महिला इम्यूनल जॉय को 58 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। इम्यूनल से पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की जांच के बाद में पुलिस मुंबई के नाला सोपारा पहुंची। यहां मादक पदार्थ के साथ पकड़ी गई महिला को तस्करी में मदद करने वाली युगांडा की महिला नाकिजवे कावुमा और नाइजीरियन पुरुष नाकायजावे कावूमा को गिरफ्तार किया।
इम्यूनल जॉय 7 महीने की वीजा लेकर भारत में आई थी। वह बेंगलुरु पहुंची, जहां पर जॉय नामक व्यक्ति से संपर्क किया और फिर मादक पदार्थ की तस्करी के गिरोह से जुड़ गई। 2024 में भी महिला 121 ग्राम मादक पदार्थ के साथ बेंगलुरु में गिरफ्तार हो चुकी है और जुलाई में ही जमानत पर बाहर आई थी। न्यायालय ने देश से बाहर नहीं जाने के आदेश दिए थे और उसके बावजूद भी महिला दोबारा से मादक पदार्थ की तस्करी करने लगी।
मुंबई के नाला सोपारा में युगांडा, नाइजीरिया सहित कई देशों के लोग रहते हैं। यहां पर पहले आबकारी विभाग और नारकोटिक विभाग ने कार्रवाई को अंजाम दिया था। पहले भी इन विदेशियों को पुलिस ने तस्करी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था, जो कि बिजनेस और घूमने फिरने के नाम पर वीजा लेकर भारत में गिरोह के रूप में वारदात को अंजाम दे रहे हैं। नाला सोपारा में 5 हजार से अधिक लोगों की उनकी बस्ती बताई जा रही है, जहां पर यह कम्युनिटी के रूप में रहते हैं।
--आईएएनएस
ओपी/वीसी







