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जन्माष्टमी को लेकर दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में भव्य तैयारी, मोर-थीम पर होगी सजावट, 1008 व्यजनों का लगेगा भोग

जन्माष्टमी

नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। जन्माष्टमी से पहले राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में तैयारियां जोरों पर हैं। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर 4 सितंबर को होने वाले जन्माष्टमी समारोह के लिए सजाया जा रहा है। इस बार मंदिर में मोर की थीम पर भव्य सजावट, 1008 व्यंजनों का भोग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

इस्कॉन मंदिर के उपाध्यक्ष बृजनंदन दास ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "इस्कॉन द्वारा नई दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित मंदिर में जन्माष्टमी बहुत ही उमंग और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इस्कॉन पूरे विश्व में जन्माष्टमी मनाता है। इस बार प्रभु का श्रृंगार बहुत ही सुंदर मोर की थीम पर तैयार किया जा रहा है। मंदिर प्रांगण की सजावट भी बेहद भव्य तरीके से की जा रही है।"

उन्होंने बताया, "सजावट के लिए थाईलैंड और बेंगलुरु से विशेष फल और फूल मंगाए जा रहे हैं, क्योंकि वहां के फूल ज्यादा दिनों तक टिकते हैं और जल्दी सूखते नहीं हैं। मंदिर को फूलों और रोशनी से आकर्षक रूप दिया जा रहा है।"

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बृजनंदन दास ने कहा, "इस बार सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। इस्कॉन मैनेजमेंट पूरी तैयारी कर रही है। कुल 1200 सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहेंगे, एक शिफ्ट में 600 और दूसरी शिफ्ट में 600 गार्ड की ड्यूटी रहेगी। इसके अलावा 500 पुलिस के जवान भी तैनात रहेंगे। दिल्ली पुलिस की तरफ से पूरा सहयोग किया जा रहा है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर मौजूद रहेंगी। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। दानदाता और वीआईपी श्रद्धालु गेट नंबर 7 से लोटस मंदिर की तरफ से आएंगे। कार पार्किंग की भी उचित व्यवस्था की गई है। दर्शन के बाद सभी को प्रसाद देने की पूरी व्यवस्था रहेगी। आम लोगों की एंट्री गेट नंबर 1 से होगी।"

बृजनंदन दास ने कहा, "इस्कॉन चाहता है कि सभी दर्शनार्थी प्रेम के साथ भगवान के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। जब वे बाहर निकलें तो उन्हें प्रसाद मिले। भगवान के लिए 1008 प्रकार के व्यंजनों का भोग तैयार किया जाएगा। किचन में सुबह से ही व्यंजन बनाने का काम शुरू हो जाएगा।"

जन्माष्टमी के दिन कार्यक्रम को लेकर उन्होंने बताया, "4 बजे गेट खुलेंगे, 4.30 बजे भगवान का पट खुलेगा और मंगला आरती होगी। उससे पहले ही हजारों की संख्या में लोग लाइन लगाना शुरू कर देते हैं। सुबह 7.30 बजे श्रृंगार आरती होगी और दिनभर मंदिर के हॉल में कीर्तन चलता रहेगा।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी